पूर्व IFS अधिकारी किशनचंद को यूपी से विजिलेंस ने किया गिरफ्तार

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उत्तराखंड में भ्रष्टाचार में लिप्त पूर्व आईएफएस (वन सेवा) अधिकारी किशनचंद को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया है। देहरादून बिजनेस ने गाजियाबाद से किशनचंद को गिरफ्तार किया है उत्तराखंड में भ्रष्टाचार का आरोप है किशनचंद पर।

आपको बता दें किशनचंद पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज में तैनाती के दौरान मोर खट्ट और पात्रों में अवैध तरीके से निर्माण कार्य कराने हरे पेड़ों के कटान सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जी बिल बनाकर ठेकेदारों को भुगतान करने के आरोप लगे हैं। उसके बाद गैर जमानती वारंट जारी हुआ था किशन चंद के खिलाफ।

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उत्तराखंड सरकार ने आई एफ एस अधिकारी किशनचंद को पहले ही निलंबित कर रखा है और हल्द्वानी विजिलेंस कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी किसके खिलाफ जारी हो रखा है। बिजनेस की टीम ने इससे पहले उसके कई ठिकानों पर दबिश दी थी लेकिन बार बार वह गिरफ्त में नहीं आ पा रहा था।

किशन चंद पर आज से 375 गुना अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इससे पहले विजिलेंस नहीं 33 करोड़ की संपत्ति का भी खुलासा किया है इसमें से किशनचंद की सात करोड़ की संपत्ति बताई गई है और अधिकतर जो संपत्ति है वह उसने परिजनों के नाम खरीदी है। विजिलेंस की टीम ने हरिद्वार पहुंचकर किशनचंद के आवास और स्टोन क्रेशर पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया था। ढोल बजाकर मुनादी भी करवाई गई थी। किशचन्द का देहरादून के बसंत बिहार में भी 2.40 करोड़ का मकान बताया गया है।

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