ऋषिकेश : गोहरी रेंज के वन कर्मियों को सर्पों के सुरक्षित रेस्क्यू एवं मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में अपनाई जाने वाली सावधानियों के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया

ADVERTISEMENTS Ad
ख़बर शेयर करें -
ऋषिकेश :  वन्यजीव हैं तो वन है और वन है तो जीवन है।वन्यजीव हमारे पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में सहायक होते हैं।यह बात अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान ने वन कर्मियों को एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में संदेश देते हुए कही। डॉ जुगलान ने कहा कि सर्प हों या वन्य जीव ,यह पर्यावरण संरक्षण वन्य जीव चक्र को संतुलित बनाए रखते हैं।इसलिए सांपों को मारना अपराध की श्रेणी में आता है लेकिन आबादी क्षेत्र में सर्प पाए जाने पर उन्हें प्राकृतिक सुवास तक सुरक्षित छोड़ना हमारी जिम्मेदारी है।यह तभी संभव है जब हमें विषैले सर्प और जीवों को रेस्क्यू करना आता हो। इसके लिए समय समय पर प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।इसी क्रम में 10 मई 2026 को गोहरी रेंज राजाजी टाईगर रिजर्व, वन विश्राम भवन कुनाॅऊ गोहरी रेंज में ऋषिकेश रेंज की सर्प रेस्क्यू टीम द्वारा गोहरी रेंज के कर्मचारियों को सर्पों के सुरक्षित रेस्क्यू एवं मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में अपनाई जाने वाली सावधानियों के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में टीम द्वारा विभिन्न प्रकार के विषैले एवं गैर-विषैले सर्पों की पहचान, उनके व्यवहार, सुरक्षित रेस्क्यू तकनीकों तथा आमजन को जागरूक करने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। सर्प रेस्क्यू टीम द्वारा व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमो) के माध्यम से कर्मचारियों को रेस्क्यू उपकरणों के सुरक्षित उपयोग एवं आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने की जानकारी भी दी गई।
इस अवसर पर गोहरी रेंज के कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य वन विभाग के कार्मिकों की क्षमता वृद्धि करना तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। प्रशिक्षक टीम में वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश रेंज श्री गंभीर सिंह धमांदा, वन क्षेत्र अधिकारी गोरी रेंज राजेश जोशी रेस्क्यू इंचार्ज कमल सिंह राजपूत वन आरक्षी सलमान खान तथा आउटसोर्स कर्मी मनोज कुमार भोला उपस्थित रहे।

Related Articles

हिन्दी English