अल्मोड़ा: मरचूला में मारी गई बाघिन का मामला, वन आरक्षी ने चलाई थी गोली, मुकदमा दर्ज

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अल्मोड़ा। कॉर्बेट बाघ अभयारण्य में सोमवार देर रात बाघिन की मौत हो गई थी उसी मामले में वन आरक्षी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

जानकारी के मुताबिक वन प्रभाग के तहत मरचूला बाजार में सोमवार देर रात बाघिन घूमती हुई दिखाई दी थी उसके बाद उसको मृत हालत में  बरामद किया गया था। उत्तराखंड के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक समीर सिन्हा ने बताया कि वन आरक्षी धीरज सिंह पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आरोपी को फिलहाल कालागढ़ वन प्रभाग के उप प्रभाग सोना नदी की सेंधि खाल स्थित प्लेन रेंज से संबंध किया गया है।

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फारेस्ट स्टाफ के अनुसार करीब 10-11 साल की बाघिन सोमवार देर रात मरचूला में आबादी वाले और बाजार क्षेत्र में घूम रही थी और वन कर्मी भी उस पर लगातार नजर रखे हुए थे। इस दौरान कई बार बन कर्मियों ने बताया कि बाघिन ने उन पर हमला करने की कोशिश भी की। रात के समय वन दरोगा मोहन चंद्र भट्ट ने अपनी 312 बोर की सरकारी रायफल से हवा में गोलियां चलाकर बाघिन को खदेड़ने की कोशिश भी की लेकिन जब बाघिन आबादी इलाके में घरों में घुसने लगी तो वन आरक्षी धीरज ने जन सुरक्षा को देखते हुए नीचे जमीन की तरफ गोलीबारी की जिसके कारण छर्रे बाघिन की दाई जांग में लग गए।

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कॉर्बेट पार्क के निदेशक धीरज पांडे ने बताया कि बाघिन के केनाइन दांत बिल्कुल घिस गए थे और संभवतः इसी वजह से वह अपने प्राकृतिक आवास में शिकार नहीं कर पा रही होगी और तभी उसने आबादी की तरफ रुख किया होगा। बाघिन मृत हालत में मिलने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया था। उसके बाद जांच के आदेश दिए गए थे।

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