पौड़ी :  ‘‘जिलाधिकारी ने जनपद को प्लास्टिक मुक्त बनाने के दिये निर्देश‘‘

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पौड़ी : जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान द्वारा जनपद में सिंगल यूज प्लास्टिक रोकथाम तथा व्यापक सैनिटेशन बनाये रखने के संबंध में संबंधित नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायत, वन विभाग, उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों, पंचायतों, ग्राम्य विकास विभाग आदि विभागीय अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को जनपद में सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त बनाने तथा शहर, कस्बों, गांव-देहात और सार्वजनिक स्थलों को साफ-सुथरा बनाये रखने के लिए युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जहां पर भी और जिस स्तर पर भी सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग किया जा रहा हो उस पर तत्काल प्रभाव से नियंत्रण स्थापित करते हुए उसका उन्मूलन करें। उन्होंने नदी-नालों की भी व्यापक साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर जहां पर भी प्लास्टिक अथवा किसी भी प्रकार का कूड़ा पाया जाता है उसको व्यापक अभियान चलाकर तथा नियमित कूड़ा उठान की व्यवस्था बनाकर निस्तारण करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी डॉ0 चौहान ने सभी संबंधित विभागों और निकायों को विभागीय स्तर पर तथा समय-समय पर एक टीमवर्क के रूप में संयुक्त चैकिंग अभियान चलाते हुए सामान विक्रेता, ज्वेलरी शॉप, सब्जी दुकान, मिष्ठान शॉप, टेलर्स शॉप इत्यादि के साथ ऐसे सभी शॉप का स्थलीय अवलोकन करते हुए उन पर एनफोर्समेंट व चालान की कार्यवाही पूर्ण करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित किया कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिला स्वंय सहायता समूह से प्लास्टिक के विकल्प के रूप में थैले बनवायें तथा उन थैलों को घर-घर बांटने का अभियान प्रारंभ करें। एनफोर्समेंट की कार्यवाही के दौरान जिनका चालान किया जाता है उनको भी प्लास्टिक के विकल्प के रूप में थैला दें।
जिलाधिकारी ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के लिए सभी नगर निकायों को निर्देशित किया कि इस ध्यान रखें कि बायो कूड़ा और नॉन बायो कूडे का अलग-अलग कनेक्शन हो, कूडे का पहले क्षेत्रवार पैटर्न पता करें कि किस क्षेत्र में किस तरह का कूड़ा जनरेट हो रहा है, तब उसी अनुरूप कार्य योजना बनाकर उसका निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कंपैक्टर मशीन और कूड़ा उठान और निस्तारण से संबंधित जितने भी उपकरण हैं उनको फंक्शनल हालात में रखे और उसका उपयोग करें।
जिलाधिकारी ने संबंधित उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में कूडा डंपिंग जोन हेतु भूमि उपलब्ध नही है वहां भूमि उपलब्ध करवायें ताकि कूडे का बेहतर निस्तारण हो सके। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में जितने भी ड्रेनेज (नदी-नाले) है उनकी स्क्रीनिंग करें कि वहां पर किसी प्रकार का प्लास्टिक कूड़ा न हो तथा यदि स्क्रीनिंग से संबंधित कार्यवाही पूर्व में की गयी हो तो उनके फोटोग्राफ उपलब्ध करायें।
उन्होंने कहा कि रूर्बन एरिया (जो कस्बा-गांव तेजी से शहर की और डेवलप हो रहा है) में भी ग्राम विकास विभाग और पंचायती राज विभाग के समन्वय से नियमित कूड़ा उठान तथा निस्तारण हेतु लैंड का चयन कर लें व कूड़ा उठान व निस्तारण से संबंधित उपकरण रखें और नियमित कूड़ा उठायें।उन्होंने वन विभाग को भी अपने-अपने क्षेत्रों में संबंधित एक्ट नियमानुसार एनफोर्समेंट चालान के कार्यवाही करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने पहाड़ को कूडा मुक्त और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए ग्राम स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिये।
इस दौरान वर्चुअल बैठक में उपजिलाधिकारी श्रीनगर अजयवीर सिंह, कोटद्वार प्रमोद कुमार, लैंसडौन स्मृता परमार सहित विभिन्न नगर निकायों से संबंधित अधिकारी, तहसीलदार तथा संबंधित विभागीय अधिकारी जुडे थे।

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