बागेश्वर : बेरीनाग क्षेत्र के पांखू में एक व्यापारी उफनते नाले में बहा, भारी बारिश के बाद लगभग 25 सड़कें बंद, आवागमन प्रभावित, कपकोट में एएनएम सेंटर ध्वस्त

कपकोट तहसील क्षेत्र में असौं फाल्दा में सड़क भी आपदा में बह गई

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बागेश्वर/बेरीनाग: मानसून उत्तराखंड पहुँच चुका है हालाँकि 9 दिन देरी से पहुंचा है मॉनसून. ऐसे में अभी तक सबसे जायदा पहले जो जिला प्रभावित रहा वह है कुमाऊं क्षेत्र का बागेश्वर. ऐसे में बारिश लोगों पर आफत बनकर टूट रही है. जगह जगह सड़कें टूटने की सूचना मिल रही हैं. बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील क्षेत्र में बीती रात भारी बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. भारी बारिश से रात दो बजे सरयू खतरे के निशान से उपर बहने लगी. भारी बारिश से कपकोट ब्लॉक का अशो में स्थापित उपकेंद्र एएनएम सेंटर पूरी तरह टूट चुका है. वहीं बेरीनाग क्षेत्र के के पांखू में एक व्यापारी उफनते नाले में बह गया.

बेरीनाग के पास पांखू में ब्यापारी बहा-
वहीँ, बेरीनाग के पांखू में एक व्यापारी के बहने की खबर है. बेरीनाग के पांखू-कोटमन्या सड़क पर पांखू से 2 किलोमीटर दूर कोटमन्या की ओर सड़क में बह रहे बरसाती नाले (देवीगाड़) को पार करने में गणेश पाठक (48) पुत्र गोविंद बल्लभ पाठक निवासी दशौली बाइक सहित बह गया. बताया जा रहा है कि व्यापारी पांखू से दशौली को जा रहा था. सूचना मिलने पर पुलिस-प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है.

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बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील क्षेत्र में असौं फाल्दा में सड़क भी आपदा में बह गई. बारिश से क्षेत्र में नेटवर्क भी ध्वस्त हो गया है, जिससे जानकारी जुटाने में दिक्कतें आ रही हैं. जिला प्रशासन आपदा में हुए नुकसान की जानकारी जुटा रहा है. बारिश से भारी नुकसान होने पर क्षेत्रीय विधायक सुरेश गड़िया, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार आदि ने देर रात आपदाग्रस्त क्षेत्रों में जाकर हालात का जायजा लिया. क्षेत्रीय विधायक सुरेश गड़िया ने बताया कि कपकोट-बागेश्वर मोटर मार्ग कई जगह पर मलबा आने से बंद है. इसके अलावा क्षेत्र की अन्य दर्जनों सड़कों के भी बंद होने की सूचना मिल रही है. बागेश्वर जिले की बात करें तो यहां 212.50 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई. बारिश से सरयू नदी का जलस्तर 869.00 एमएम रिकॉर्ड किया गया है. मूसलाधार बारिश के चलते बालीघाट, दोफाड़, कोटमन्या, कपकोट पोलिंग गैरखेत, कपकोट पिंडारी समेत 25 मोटरमार्ग बाधित हो गए हैं. काण्डा वाली रोड अभी ठीक है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की निकासी नाली व कलमठ ना होने से सड़कों को ज्यादा नुकसान हुआ है. सुबह बारिश थमने पर सरकारी अमला मौके पर पहुंचा और बंद सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी लगवाई. दोपहर बाद पूरे जिले में तेज बारिश होनी शुरू हो गई, जिसकी वजह से इन सड़कों को खोलने के काम को रोकना पड़ा है.

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