उत्तरकाशी : सुरंग में फंसे श्रमिक मामला, श्रमिकों के जो परिजन यहां आना चाह रहे हैं उनके आवागमन का व्यय उत्तराखंड सरकार वहन करेगी : मुख्यमंत्री धामी

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उत्तरकाशी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सिलक्यारा सुरंग हादसे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए केन्द्र सरकार के प्रयासों के साथ राज्य सरकार पूरी तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ जुटी हुई है। धामी ने कहा कि राज्य सरकार इस रेस्क्यू अभियान में हर संभव सहयोग करने के साथ ही सुरंग में फंसे श्रमिकों व उनके परिजनों के मनोबल को बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों के श्रमिको के परिजनों व इन राज्यों के अधिकारियों से संपर्क व समन्वय बनाए रखने के लिए शासन स्तर पर भी एक अधिकारी की तैनाती की जा रही है। उत्तराखंड सरकार ने श्रमिकों के परिजनों को आवागमन व प्रवास तथा अन्य जरूरी देखभाल का भी इंतजाम किया है, ताकि श्रमिकों की कुशलक्षेम जानने के लिए यहां आने वाले परिजनों को कोई कठिनाई न हो।

आज सिलक्यारा पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ रेस्क्यू अभियान का निरीक्षण व समीक्षा करने के बाद सुरंग में फंसे श्रमिकों के परिजनों से भेंट कर उन्हें आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार उरनकी हर संभव मदद करेगी।मुख्यमंत्री ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे मजदूरों को सकुशल बाहर निकालना है। जिसकी समीक्षा की पीएमओ कार्यालय से की जा रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में हम सभी को मजदूर एवं उनके परिजनों का हौसला बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा सुरंग हादसे से सबक लेकर सुरक्षा के दृष्टिगत उत्तराखंड में राज्य सरकार की टनल परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

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इस मौके पर धामी ने राज्य सरकार के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह केन्द्रीय एजेंसियों द्वारा संचालित रेस्क्यू अभियान में निरंतर इसी भांति सहयोग करें। रेस्क्यू अभियान में राज्य सरकार के संसाधनों और संगठनों की जो भी आवश्यकता हो उसे तत्काल उपलब्ध कराया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग में फंसे श्रमिकों व उनके परिजनों का मनोबल बनाए रखने के लिए मनोचिकित्सक के माध्यम से काउंसलिंग की व्यवस्था करने के साथ ही अधिकारी भी उनसे निरंतर संवाद कर उनकी जरूरतों को जानकर पूरा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के जो परिजन यहां आना चाह रहे हैं उनके आवागमन का व्यय उत्तराखंड सरकार वहन करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यहां आने वाले जरूरतमंद परिजनों के मोबाइल रिचार्ज से लेकर भोजन, आवास व आवागमन का व्यवस्था की जाय। इस व्यवस्था के समन्वय के लिए शासन स्तर पर एक अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस काम को पूरी संवेदनशीलता व तत्परता के साथ किया जाय।

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इस दौरान उत्तराखंड के मुख्य सचिव डा. एस.एस. संधू, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डा. रंजीत सिन्हा, विधायक यमुनोत्री संजय डोभाल, विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र राणा, अनु.जाति मोर्चा का राष्ट्रीय मंत्री डा. स्वराज विद्वान मौजूद रहे।

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