UK : 26-सूत्रीय कार्यक्रम को गति देने के लिए मुख्य सचिव ने की व्यापक समीक्षा हुई, चम्पावत का शानदार प्रदर्शन

ADVERTISEMENTS Ad
ख़बर शेयर करें -
  • चंपावत ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन, योजनाओं की सतत निगरानी और समन्वय पर दिया विशेष जोर
देहरादून : मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में उत्तराखंड सरकार के 26-सूत्रीय कार्यक्रम की मई 2026 की मासिक प्रगति रिपोर्ट की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे, जबकि सभी जनपदों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी जिलों को योजनाओं की नियमित समीक्षा, बेहतर समन्वय और हितधारकों के साथ सतत संवाद स्थापित कर प्रगति को और गति देने के निर्देश दिए। साथ ही जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं है, वहां त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया।
चंपावत रहा शीर्ष प्रदर्शनकर्ता
मई 2026 की समीक्षा के अनुसार चंपावत 65.94 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। हरिद्वार (59.30 प्रतिशत) और पिथौरागढ़ (57.87 प्रतिशत) ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। देहरादून (56.65 प्रतिशत), रुद्रप्रयाग (56.44 प्रतिशत) तथा चमोली (54.12 प्रतिशत) ने भी संतोषजनक प्रगति दर्ज करते हुए विकास कार्यों को गति प्रदान की। मुख्य सचिव ने सभी जनपदों को उत्कृष्ट जिलों के नवाचारों और कार्यप्रणाली से सीख लेकर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां
बैठक में बताया गया कि अतिक्रमण हटाने के अभियान में नगर निकायों ने 98.20 प्रतिशत सफलता प्राप्त की है, जो प्रभावी प्रशासनिक कार्यप्रणाली का उदाहरण है। डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करते हुए राज्य की 97.02 प्रतिशत सरकारी संपत्तियों का जियो-टैगिंग कार्य पूरा किया जा चुका है। वहीं अपणि सरकार पोर्टल पर प्राप्त जन शिकायतों के निस्तारण की दर 82.68 प्रतिशत दर्ज की गई, जिससे नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार परिलक्षित होता है।सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यक्षमता 89.47 प्रतिशत रही। प्रदेश में 133 पार्किंग परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है, जिनकी औसत भौतिक प्रगति 67.33 प्रतिशत दर्ज की गई है।
विकास कार्यों को मिलेगी और गति
मुख्य सचिव ने राजस्व संग्रह, औद्योगिक विकास, नदी संरक्षण, पर्यटन, पेयजल, शहरी विकास एवं अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में कार्यों को और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय, नियमित मॉनिटरिंग तथा स्थानीय स्तर पर लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाकर आगामी महीनों में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
बैठक में अधिकारियों ने अवगत कराया गया कि  शहरी विकास एवं पंचायती राज विभाग स्थानीय निकायों की राजस्व क्षमता बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा के तहत जनपदवार लक्ष्य तय करने, राजस्व विभाग द्वारा जिला स्तर पर संवाद कार्यक्रम आयोजित करने तथा वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रमों के लिए आवश्यक लक्ष्य एवं बजट निर्धारण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पांडेय, चंद्रेश यादव, डी.एस. गर्ब्याल, एस.एन. पांडेय सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

हिन्दी English