UK : सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज आवास में पंचपदीय शिक्षण पर हुई एक दिवसीय कार्यशाला

ADVERTISEMENTS
- पंचपदीय शिक्षण पद्धति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का प्रभावी माध्यम: उमाकांत पंत, प्रधानाचार्य
ऋषिकेश : सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज, आवास विकास ऋषिकेश में एक दिवसीय पंचपदीय शिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यालय के शिक्षक विनय सेमवाल ने विद्या भारती की छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धति पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षण का केन्द्र विद्यार्थी होना चाहिए। उन्होंने पंचपदीय शिक्षण के पाँच चरण—अधिति, बोध, प्रयोग, अभ्यास तथा प्रचार-प्रसार—के माध्यम से नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप जॉयफुल लर्निंग को कक्षा शिक्षण में प्रभावी ढंग से अपनाने पर बल दिया। उन्होंने अनेक व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से शिक्षकों को इस पद्धति का प्रशिक्षण दिया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य उमाकांत पंत ने कहा कि पंचपदीय शिक्षण पद्धति विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, संस्कार एवं आत्मविश्वास के विकास का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी आचार्यों से इस शिक्षण पद्धति को व्यवहार में उतारकर शिक्षण को अधिक प्रभावी एवं रुचिकर बनाने का आह्वान किया। विद्यालय के मीडिया प्रभारी नरेन्द्र खुराना ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय में समय-समय पर आयोजित होने वाली ऐसी शैक्षिक कार्यशालाएँ शिक्षकों के ज्ञान एवं शिक्षण कौशल को नवीन आयाम प्रदान कर विद्यार्थियों के हित में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करती हैं।कार्यशाला में नागेन्द्र पोखरियाल, सतीश चौहान, वीरेन्द्र कंसवाल, अजीत रावत, राजेश बडोला, कांता प्रसाद देवरानी, आरती बडोनी, लक्ष्मी चौहान, निधि धीमान, नेहा मालयान, रीना गुप्ता सहित विद्यालय के समस्त आचार्य उपस्थित रहे।



