UK : एम्स ऋषिकेश दीक्षांत समारोह !! 7 गोल्ड मैडल डॉ देवांग अग्रवाल ने झटके, हर कोई हैरान

ऐसी भी प्रतिभा होती है, युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए डॉ देवांग अग्रवाल से

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ऋषिकेश :  गुरूवार को  एम्स,ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह में सात गोल्ड मैडल्स पुरस्कारों से सम्मानित एमडी मेडिसिन के विद्यार्थी डॉ. देबांग अग्रवाल ने कहा कि उन्हें अपने क्षेत्र में कड़ी मेहनत व बेहतर कार्य के लिए जिन सात गोल्ड मैडलों से सम्मानित किया है, उन्हें इसकी उम्मीद नहीं थी, लिहाजा यह मेरे लिए अप्रत्याशित है।

वर्ष 2001 में जयपुर, राजस्थान में जन्मे डॉ. देबांग ने बताया कि उन्हें अपनी मेहनत के चलते यह तो उम्मीद थी कि उन्हें गोल्ड मैडल प्राप्त होगा, मगर वह सात स्वर्ण पुरस्कारों से नवाजे जाएंगे, इसकी उम्मीद कतई नहीं की थी। वर्ष 2019 में ऋषिकेश एम्स के लिए चयनित एमबीबीएस के छात्र देबांग अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने वाल्यकाल में ही डॉक्टर बनने का सपना देखा था। बकौल देबांग “जब मैं बहुत छोटी उम्र यानि एक से दो वर्ष का था, हमारी कॉलोनी में एक डॉक्टर देबांग लोगों को चिकित्सा सेवाएं दिया करते थे। मिलते जुलते नाम के डॉ. देबांग के चिकित्सकीय पेशे से प्रभावित होकर व उनकी कार्यशैली को देखकर उन्होंने भी बड़े होकर चिकित्सक बनने का सपना बुना। जो आज साकार हुआ है।” वह अपनी कॉलोनी के डॉ. देबांग को अपना रोल मॉडल मानते हैं। देबांग अपने माता- पिता की इकलौती संतान हैं जो चिकित्सकीय पेशे के जरिए मरीजों की सेवा करना चाहते हैं। एम्स ऋषिकेश के एमबीबीएस मेडिसिन के विद्यार्थी डॉ. देबांग को बृहस्पतिवार को संस्थान के छठवें दीक्षांत समारोह में भारत के उप राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन द्वारा क्रमश: प्रेसिडेंट गोल्ड मैडल, गोल्ड मैडल फॉर फस्ट पोजिशन सेकेंड एंड थर्ड प्रोक्स, प्रो. अनिल गुलाटी गोल्ड मैडल, प्रोफेसर रविकांत गोल्ड मैडल व प्रोफेसर शशि प्रतीक गोल्ड मैडल से नवाजा गया। उनका जनमानस को संदेश है कि निरंतर अपना कार्य करते रहें और सेवा कार्य में जुटे रहें।

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