UK :छात्रसंघ चुनाव तो हो गए लेकिन ये “हाफ चाउमीन” का विषय चर्चा में आ बैठा, जानें
पर्ची सोशल मीडिया में चर्चा पकड़ रही है

- छात्रसंघ चुनाव के दौरान, हाफ चाउमीन लिखी पर्ची, ऊपर से हस्ताक्षर…यह चर्चा में आ गयी यमकेश्वर इलाके में
- राजनीती की पौध हाफ चाउमीन में मन बदल दे रहा है तो देश का भविष्य का आप अंदाजा लगा सकते हैं किस तरह जा रहा है
- अगर दूसरी दृष्टि से देखें तो, राजनीती में भी हो गयी चाइनीज एंट्री, क्यूंकि ये दिश चीन से यहाँ पहुंची
- पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि सुदेश भट्ट ने पकड़ी…उठाये सवाल लेकिन चिंतन करे कौन ? चाउमीन का जो विषय हुआ…ठैरा, बल !
ऋषिकेश : (मनोज रौतेला) चुनाव भी क्या क्या रंग दिखाते हैं…भारत में चुनाव जब भी होते हैं, आप सतरंगी फिजां से रूबरू जरुर होते हैं. एक फिजां यह भी देखने को मिली…यमकेश्वर इलाके में…यहाँ भी चुनाव हुए. युवाओं ने जम कर वोट डाले. लेकिन एक पर्ची जिसमें लिखे हुआ था “हाफ चाउमीन”….यह पकड़ी गयी…और चर्चा में आ गयी सवालों के साथ चिंतन की चटनी संग. कहते हैं राजनीती में चर्चा, खर्चा और पर्चा…चलता रहना चाहिए. खैर,
यमकेश्वर इलाके में जन प्रतिनिधि और पूर्व सैनिक सुदेश भट्ट ने यह पर्ची पकड़ी. भट्ट के मुताबिक, पर्ची उनको चाय की दूकान में बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर गयी. होना भी चाहिए…वे एक जनप्रतिनिधि भी हैं. UKD के सिपाहसालार हैं वर्तमान में, संघर्ष करने वाले ब्यक्ति भी हैं. पूर्व सैनिक भी हैं…अपने क्षेत्र से लेकर ऋषिकेश तक की बात लोगों की वे बेबाकी से उठाते आये हैं. भट्ट कहते हैं हाफ चाउमीन ने युवाओं ने अपना ईमान बेच दिया…यानि वोट. आरोप लगा भाजपा की छात्र इकाई ABVP पर. कार्यकर्ता पर्ची पकड़ा रहे थे और छात्र छात्राएं दुकान पर जा कर खा कर आ जा रहे थे. ..भका..भक गाडी आ रही है और छात्र छात्राएं उतर रहे हैं और दूकान के अन्दर पर्ची पकड़ा रहे हैं..खा हाथ झाड कर चल दे रहे हैं…कुछ ऐसा सीन थे. ख़ास बात उन्हूने कही, देश का भावी भविष्य को वोटिंग पथ की और बढ़ा दिया जता है, और आज का युवा पांच किलो राशन का हवाला देकर परिवर्तन की बात कर रहा है…

भट्ट के मुताबिक़ “यमकेश्वर छात्र संघ चुनाव के दौरान मिली ये तस्वीर बहुत कुछ सोचने पर मजबुर कर गयी जब AVBP भाजपा द्वारा छात्रों को ये पर्चियाँ पकड़ाई जा रही थी क्या वोट की क़ीमत मात्र आधी प्लेट चाऊमीन आख़िर देश के भावी भविष्य को हम किस ओर लेकर जा रहे आखिर पढ़ा लिखा युवा कब समझेगा ईस बात को मै दुकान पर बैठा था उपर से गाड़ी पहुँचती है जिसमें कुछ छात्रों को वोटिंग के लिये लाया जा रहा था जैसे ही वोटर उतरे उनके हाथ ये पर्ची थमाते मेरी नज़र पड़ी मैंने सोचा ये कोई वोटिंग की पर्ची होगी लेकिन जब वोटर छात्रों ने ईस पर्ची को दिखाकर चाऊमीन ली तो मैं हतप्रभ रह गया जो पर्ची ईस्तेमाल हुयी उसे साईड से फाड़कर नीचे गिरा दिया गया चाऊमीन खिलाने के बाद देश के भावी भविष्य को वोटिंग पथ की ओर बढ़ा दिया जाता है आज का युवा पाँच किलो रासन का हवाला देकर परिवर्तन की बात कर रहा है पाँच किलो रासन वाले पुराने ख़यालों के हो सक्ते हैं लेकिन अफ़सोस की आधी प्लेट चाऊमीन में हमारा युवा अपने सबसे मजबुत अधिकार को यूँ ही पर्चियों में समेट रहा ये हस्ताक्षर किस अधिकारी के हैं जिसके एक साईन से वोट की क़ीमत आधी प्लेट चाऊमीन तय होती है ये सोचने वाली बात है … यमकेश्वर बाबा का आशीर्वाद सब पर बनी रहे”



