ऋषिकेश : छात्र संघ चुनाव मामला, कहीं न कहीं प्रत्याशी के चयन में कमी रही है इसलिए हारे : रविंद्र राणा

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ऋषिकेश :(मनोज रौतेला) छात्र संघ चुनाव में AVBP के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के चयन में कहीं न कहीं कमी रही….ये बात खुद भाजपा जिला अध्यक्ष रविंद्र राणा ने रायवाला में एक कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए कही।

श्री देव सुमन यूनिवर्सिटी ऋषिकेश परिसर में (पीजी कॉलेज) में छात्र संघ चुनाव परिणाम मंगलवार को आया लेकिन सत्ता पक्ष भाजपा की छात्र इकाई ABVP केवल एक सीट जीत पायी। छात्र संघ अध्यक्ष पद पर निर्दलीय जीत गया। ABVP ने अनिरुद्ध शर्मा को टिकट दिया था। लेकिन वे तीसरे स्थान पर रहे। पिछले वर्ष भी AVBP नहीं जीत पाई थी अध्यक्ष पद पर। NSUI समर्थित महिला प्रत्याशी की जीत हुई थी। ऋषिकेश जैसे गढ़ में जिसे हार्डकोर भाजपा का गढ़ माना जाता है। वहां पर छात्रसंघ चुनाव में इतनी बुरी तरह हार कहीं न कहीं ABVP के लिए चिंतन-मंथन का समय है। भाजपा के अहम नेता शहर में चुनाव के दौरान चौक चौराहों पर दिख रहे थे। जबकि अन्य संगठन के साथ ऐसा नहीं था।

पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए राणा का कहना था “भाजपा के ऋषिकेश सांगठनिक जिले अंदर दो महाविद्यालय आते हैं, एक डोईवाला जहाँ हमने क्लीन स्वीप किया, ऋषिकेश में हम एक सीट उपाध्यक्ष पद पर जीते हैं। बाकी जो निर्दलीय जीते हैं वे भी हमारे विचार परिवार के लोग हैं। हार जीत लगी रहती है। निर्दलीय भी जीते वो भी हमारे परिवार के हैं। लेकिन कहीं न कहीं प्रत्याशी चयन में कमी रही है। उसको भविष्य में ठीक करेंगे। ABVP चुनाव को लेकर कोई कार्यक्रम नहीं बनाती है। हम लोग 365 दिन काम करने वाले लोग हैं। चुनाव में जीत हार लगी रहती है। कोई बड़ा विषय नहीं है। हमारे उत्साह में कोई कमीं नहीं है।”

आपको बता दें, जहाँ तक मतों की बात है, निर्दलीय हिमांशु जाटव को अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित घोषित किया गया है। उनको 765 मत मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी रोहित नेगी को 625 व अनिरुद्ध शर्मा को 564 मतों पर संतोष करना पड़ा। उपाध्यक्ष पद पर निहारिका को विजयी घोषित किया गया, निहारिका को 884 जबकि उनके प्रतिद्वंदी संजना कुड़ियल को 861 तथा अमीषा खत्री को मात्र 189 मत प्राप्त हुए। सचिव पद पर माघवेंद्र मिश्र विजय घोषित किए गए उन्हें 1318 जबकि उनके प्रतिद्वंदी अनुज को मात्र 621 वोट पड़े। सह सचिव पद पर राहुल गौतम विजय घोषित किया गया है। उन्हें 1349 मत वोट पड़े जबकि उनके प्रतिद्वंदी सोनू शाह को 576 मतों पर संतोष करना पड़ा। कोषाध्यक्ष पद पर साक्षी रांगड को विजय घोषित किया गया है। उन्हें 1297 मत पड़े जबकि उनके प्रतिद्वंदी सागर कुमार को 485 व साक्षी भट्ट को मात्र 153 वोट ही पड़े। वहीं विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के लिए विपिन तिवारी को निर्वाचित घोषित किया गया है। उन्हें 833 जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी अंकित तोपवाल को 575 व यश गर्ग को 532 मत प्राप्त हुए।

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इस चुनाव में गुटबाजी की काट ABVP को ज्यादा चोट कर गयी। बजाय कांग्रेस के। भाजपा बेशक हलके में ले रही है इन चुनावों को लेकिन माहौल यही चुनाव बनाते हैं। इसके दूरगामी परिणाम भी आने वाले समय में कहीं न कहीं दिखेंगे। दूसरी तरफ इसी चुनाव में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर विरोधी अपनी बिसात बैठाते दिखे। जिसमें समर्थन, धनबल, सिफारिश सब मिश्रण देखने को मिला। जहाँ तक हिमांशु की जीत की बात है, कही फैक्टर काम किये, लम्बे समय से छात्रों के बीच रहना,कुशल व्योहार, सही समय पर सही योजना क्रियान्वन, काम करने वाली टीम, दलित समाज से होना, NSUI द्वारा टिकट न देना और उसका भावनात्मक असर इत्यादि, जो लोग हिमांशु के पीछे थे उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से चुनाव लड़वाया। बेशक ऐंटी इंकम्बैंसी फैक्टर था लेकिन वो फैक्टर हिमांशु के सर्मथन में आया निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने के ऐलान करने के बाद।ऐसे में यह चुनाव कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए आँख खोलने वाला रहा। क्योँकि दोनों की छात्र इकाई मजबूत और स्थापित है। इस हार पर चिंतन मंथन नहीं किया तो आगे और घाव दे देखने को मिल सकते हैं।

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