दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट की फटकार हरक सिंह रावत को, कहा खुद को कानून मान बैठे थे

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad
ख़बर शेयर करें -

दिल्ली/देहरादून: उत्त्तराखण्ड के पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ली रही है। बुधवार को उत्त्तराखण्ड में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अवैध निर्माण और पेड़ों की कटाई की मंजूरी देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।

सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने उत्तराखंड के पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत और पूर्व IFS अधिकारी किशन चंद को फटकार लगाई है। साथ ही कोर्ट ने CBI को इस मामले में 3 महीने के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट देने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि “हरक सिंह रावत और किशन चंद ने खुद को कानून” मान लिया था। नियमों के खिलाफ रामनगर स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में बड़ी संख्या में पेड़ कटवाए। कोर्ट ने बाघ संरक्षण के लिए कई निर्देश जारी करते हुए कोर क्षेत्र में सफारी पर रोक लगा दी है। हालांकि परिधीय और बफर क्षेत्रों में इसकी अनुमति दी गई है।

ALSO READ:  UK : आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटर्स के मानदेय की धनराशि अवमुक्त : स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल

यहां तक टिप्पणी की सुप्रीम कोर्ट ने कि अधिकारी किशन चंद पर संगीन आरोप होते हुए भी वन मंत्री हरक सिंह रावत ने उन्‍हें DFO नियुक्‍त करवाया था। यह पूरा मामला नेताओं और नौकरशाहों की मिलीभगत का उदाहरण है।

ALSO READ:  UK :ढालवाला MIT में जुटे 29 विद्यालयों के युवा वैज्ञानिक, शिक्षाविद, विकासखंड नरेन्द्रनगर टिहरी गढ़वाल का शानदार आयोजन

सुप्रीम कोर्ट ने जिम कॉर्बेट नैशनल पार्क के बफर जोन में टाइगर सफारी बनाने की भी मंजूरी दी है। ऐसे में अब हरक सिंह रावत की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।कुछ दिन पहले हरक सिंह रावत के ठिकानों पर ईडी की रेड भी हुई थी।

Ad Ad Ad

Related Articles

हिन्दी English