ऋषिकेश : गंगा नदी में ग्वालियर का शैलेन्द्र महावी का नहीं लगा कुछ सुराग, SDRF जुटी सर्च में

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ऋषिकेश : फूलचट्टी क्षेत्र में महिला को बचाने के प्रयास में गंगा नदी में डूबे युवक की तलाश हेतु एसडीआरएफ का सर्च अभियान जारी

आज प्रातः लगभग 09:30 बजे थाना लक्ष्मणझूला क्षेत्रांतर्गत फूलचट्टी के समीप ह्यूंल नदी के मुहाने पर गंगा नदी में एक युवक के डूबने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट ढालवाला की टीम आवश्यक रेस्क्यू एवं सर्च उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शैलेन्द्र महावी, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश, अपने परिवार के साथ ऋषिकेश घूमने आया हुआ था। घूमने के दौरान परिवार के सदस्य फूलचट्टी क्षेत्र के समीप गंगा नदी में स्नान करने चले गए। बताया गया कि यह स्थान प्रशासन द्वारा सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित घोषित किया गया है तथा यहां स्नान करने की अनुमति नहीं है।

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स्नान के दौरान परिवार की एक महिला सदस्य, रेनू गुर्जर, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश, अचानक नदी के तेज बहाव में बहने लगी। महिला को संकट में देखकर शैलेन्द्र महावी उसे बचाने के उद्देश्य से तत्काल नदी में कूद गया। महिला तो किसी प्रकार नदी से सुरक्षित बाहर निकल आई, किन्तु युवक नदी के तेज बहाव एवं गहराई में फंसकर लापता हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, परिजनों एवं अन्य लोगों द्वारा महिला को उपचार हेतु एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।

उधर, सूचना प्राप्त होते ही एसडीआरएफ टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर तत्काल सर्च अभियान प्रारंभ किया। टीम द्वारा संभावित डूब क्षेत्र एवं आसपास के क्षेत्रों में गहन खोजबीन की जा रही है। नदी के तेज बहाव, गहराई तथा घटनास्थल की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सर्च ऑपरेशन लगातार संचालित किया जा रहा है।

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लापता युवक शैलेन्द्र महावी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। युवक की तलाश हेतु एसडीआरएफ द्वारा नदी के संभावित क्षेत्रों में व्यापक एवं सघन सर्च अभियान लगातार जारी है।

एसडीआरएफ उत्तराखण्ड सभी पर्यटकों, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों से अपील करती है कि प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित एवं असुरक्षित घोषित स्थानों पर स्नान अथवा अन्य जल गतिविधियां न करें। नदी का बहाव, गहराई एवं जलस्तर कभी भी अचानक बदल सकता है, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं घटित हो सकती हैं।

सभी नागरिकों से अनुरोध है कि नदी किनारे लगाए गए चेतावनी बोर्डों एवं प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पूर्णतः पालन करें तथा केवल चिन्हित एवं सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें।एसडीआरएफ उत्तराखण्ड जनसुरक्षा एवं आपदा राहत कार्यों हेतु सदैव तत्पर एवं प्रतिबद्ध है।

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