ऋषिकेश : स्थानीय विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल ने उत्तराखंड के मरीजों के लिए अलग से काउंटर बनाने की सलाह दी एम्स निदेशक से मुलाकात के दौरान

- सुझाव अच्छा है,लेकिन इस पर अमल कितना होता है देखने वाली बात होगी
- अगर सुझाव मान लिया जाता है तो, इससे लाभ होगा राज्य के मरीजों को
- फिलहाल स्थित खराब ! स्थानीय मरीज अधिकतर परेशान हो कर कहीं और शिफ्ट हो जाते हैं या फिर छोड़ जाते हैं उपचार बीच में
- अधिकतर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल, बिहार के मरीज आते हैं एम्स ऋषिकेश
- संस्थान, राज्य के लोगों के वरदान साबित हो रहा था शुरू में लेकिन अब स्थित ठीक नहीं
ऋषिकेश : स्थानीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने गुरूवार को एम्स निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह से भेंट कर संस्थान से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।महत्वपूर्ण, उत्तराखंड के मरीजों को जो परेशानी हो रही है उसको लेकर अहम बात हुई. जिसमें अलग से उनके लिए काउंटर बनाने का सुझाव दिया गया. जो बहुत महत्वपूर्ण है. अधिकतर देखा गया है, दूसरे राज्यों के मरीज आने से स्थानीय लोग परेशान रहते हैं. उनका नंबर आता नहीं. उपचार के लिए तारीख भी कई महीनों बाद मिल पाती है. ऐसे में उचित उपचार का दम भरने वालों के पास कोई जवाब नहीं होता है. ऐसे में स्थानीय विधायक का कहना है,….

“आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश की निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह से भेंट कर संस्थान से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।ऋषिकेश सहित समस्त उत्तराखंड से आने वाले मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एम्स में अलग से काउंटर स्थापित करने का सुझाव दिया, ताकि दूर-दराज़ क्षेत्रों से आने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त, अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा आमजन को सस्ती एवं सुलभ दवाइयाँ उपलब्ध कराने हेतु जन औषधि केंद्रों में उत्तराखंड के नागरिकों को प्राथमिकता देने का भी आग्रह किया।एम्स निदेशक महोदया ने सभी सुझावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए शीघ्र ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया।जनहित के इन महत्वपूर्ण विषयों पर निरंतर प्रयास जारी रहेंगे, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।



