ऋषिकेश : फड़फड़ा रहे थे काली कमली क्षेत्र के भरत विहार में दो “बाज” फंसे पतंग के मांझे में, किया गया रेस्क्यू वन विभाग द्वारा

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ऋषिकेश : मांझे से पक्षी आजकल बहुत परेशान हैं, कई तो जान से हाथ धो बैठते हैं और कई जगह पता लग गया तो इंसान बचा भी लेता है.ऐसा ही हुआ काली कमली क्षेत्र में दो बाज (पक्षी) पतंग के मांझे में फंस गए और अगर समय पर उनका नहीं पता चलता तो जान जा सकती थी दोनों की. ऐसे में ऋषिकेश रेंज के रेंजर ललित मोहन सिंह नेगी को सूचना दी गयी किसी ब्यक्ति के द्वारा बाज फंसे होने की वजह, तुरंत उन्होंने रेस्क्यू करने के लिए भेजी टीम, जिसमें वन बीट अधिकारी दीपक सिंह कैंतुरा, अनिल सिंह रावत और पीआरडी जवान अनुराग सिंह शामिल थे. उन्होंने मौके पर पहुँच कर दोनों बाज पक्षियों को रेस्क्यू किया और रेंज कार्यलय ला कर प्राथमिक उपचार देकर उनको उनके अनुकूल वातावरण में छोड़ दिया गया है.

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बाज कैसा पक्षी होता है ?
बाज़ एक शिकारी पक्षी है जो कि गरुड़ से छोटा होता है। इस प्रजाति में दुनिया भर में कई जातियाँ मौजूद हैं और अलग-अलग नामों से जानी जाती हैं।वयस्क बाज़ के पंख पतले तथा मुड़े हुए होते हैं जो उसे तेज़ गति से उड़ने और उसी गति से अपनी दिशा बदलने में सहायता करते हैं।आमतौर पर हम चीते को उसकी तेज रफ्तार से जानते है मगर कई ओर भी पशु-पक्षी है जो अपनी श्रेणियों में स्पीड के लिए पहचाने जाते है | National Geographic Channel द्वारा किये गये अपने रिसर्च के आधार पर 10 सबसे तेज जीव-जन्तुओ की सूची जारी की है जिसमे से हम आपको बाज के बारे में आपको जानकारी देंगे जिसे पेरेग्राइन फाल्कन के नाम से भी जाना जाता है |

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यह पक्षी 320 किमी प्रति घंटे से भी अधिक गति से उड़ सकता है | यह माँसाहारी होता है | जंगलो में इसका जीवनकाल 17 वर्षो का होता है |

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