ऋषिकेश :भूमि ट्रान्सफर हेतु केंद्र से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद पूर्व CM और वर्तमान में सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत का केंद्रीय विद्यालय IDPL ने किया स्वागत अभिनंदन
विद्यालय का था निजी कार्यक्रम, सांसद त्रिवेन्द्र का किया आभार अभिनंदन

- IDPL भूमि के विवाद के बाद स्कूल बंद होने की संभावना बढ़ गयी थी, लेकिन अब नहीं होगा बंद !
- सैद्धांतिक मजूरी मिली, जल्द होगा बिल्डिंग का निर्माण, और पहली में दाखिला भी जल्द होंगे शुरू
- विद्यालय परिवार ने सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत के लिए स्वागत अभिनंदन,आभार कार्यक्रम आयोजित गया
- माननीय सांसद जी के प्रयासों से केंद्रीय वन पर्यावरण मंत्रालय द्वारा 2.41 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण होने पर बच्चों और अभिभावकों के चेहरे की मुस्कान लौटी है –अनिता ममगाईं, पूर्व महापौर ऋषिकेश

ऋषिकेश : शनिवार को ऋषिकेश के लिए बड़ा दिन था. इकलौता केंद्रीय विद्यालय जो बंद होने के कगार पर था. वह अब बंद नहीं होगा. ! IDPL स्थित केंद्रीय विद्यालय #KV में इस वर्ष पहली में दाखिला भी बंद कर दिया गया था. बिल्डिंग भी जीर्ण शीर्ण हालत में है. ऐसे में जनप्रतिनिधि, आम जन, सामाजिक कार्यकर्त्ता सभी लगे हुए थे. लेकिन सबसे प्रभावी प्रयास पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान हरिद्वार लोकसभा सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत के द्वारा किया गया. उनके प्रयासों से सैद्धांतिक मंजूरी मिली जो भूमि विद्यालय को मिलनी थी. २.४१ हेक्टेयर भूमि IDPL को मिलेगी. पत्राचार पूरा होने के बाद अब जल्द बिल्डिंग बनेगी और विद्यालय ऋषिकेश में ही रहेगा. अब विद्यालय बंद नहीं होगा. विद्यालय द्वारा सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत का स्वागत अभिनंदन रखा गया था. कार्यक्रम में बोलते हुए रावत ने कहा, यह हजारों बच्चों के भविष्य का मामला है. मैंने केन्द्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर इस बात को रखा. साथ ही उन्हूने प्रभावी तरीके से इसमें मदद की. यहाँ एक विद्यालय है. इस विद्यालय में काफी बच्चे पढ़ते हैं. उनके भविष्य का क्या होता ? अगर यह बंद हो जाता. कहीं न कहीं वे पढ़ते लेकिन उनको समस्या का सामना करना पड़ता. अभिभावक भी तनाव में थे. अब सैधांतिक मंजूरी मिलने के बाद उम्मीद है जल्द इसके भवन कानिर्माण होगा और आगे की कार्रवाई शुरू होगी.

वहीँ पूर्व महापौर ऋषिकेश अनिता ममगाईं भी इस दौरान मौजूद रहीं. उन्हूने भी कहा, “वर्षों से लंबित आईडीपीएल केंद्रीय विद्यालय के अस्तित्व पर संकट गहरा गया था ।और प्रवेश प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही थी। पूर्व मुख्यमंत्री वर्तमान माननीय सांसद हरिद्वार आदरणीय श्री Trivendra Singh Rawat जी के भागीरथी प्रयासों सेआज इस महत्वपूर्ण निर्णय से न केवल वह संकट टला है, बल्कि सैकड़ों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए एक नई आशा की किरण जगी है।यह स्वीकृति प्रवेश प्रक्रिया को पुनः गति देने के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं से युक्त पुनर्निर्माण कार्य का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। आने वाले समय में यह विद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और स्थायी शिक्षा का सशक्त केंद्र बनेगा।माननीय सांसद जी के प्रयासों से केंद्रीय वन पर्यावरण मंत्रालय द्वारा 2.41 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण होने पर बच्चों और अभिभावकों के चेहरे की मुस्कान लौटी है आज विद्यालय परिवार ने मा. सांसद जी का आभार एवं अभिनंदन समारोह रखा जिसमें पार्टी के सम्मानित पार्षद गण वरिष्ठ गण एवं सैकड़ो की संख्या में अभिभावक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट ने भी ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा, यह हमारे लिए ख़ुशी की बात है. यहाँ से यह विद्यालय अगर बंद हो जाता तो यह अच्छा नहीं होता. सांसद जी का ध्यन्यवाद हम आभार प्रकट करते हैं उनका. स्कूल की प्रिंसिपल उर्मिला, पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा ज्योति सजवाण, पूर्व जिला अध्यक्ष रविन्द्र राणा, जिला उपाध्यक्ष डॉ गणेश रावत, पार्षद राजेश कोठियाल, विद्यालय का स्टाफ, बच्चे और अभिभावक व् अन्य मौजूद रहे.
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धरना स्थल पर नहीं गए त्रिवेन्द्र सिंह रावत –
सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बापू ग्राम भूमि के मामले में बोलते हुए कहा, लोग धैर्य रखें, सरकार काम कर रही है इस पर, इसका परिणाम अच्छा आएगा, ऐसी उन्हें उम्मीद है. यह मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में होने की वजह से सरकार के लिए काम करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है लेकिन लोगों की भावनाओं, उनके हकों का ख्याल रखा जायेगा. उलेल्ख्नीय है, बापू ग्राम में धरना देते हुए लोगों को १०६ दिन हो गए हैं, वे उम्मीद कर रहे थे रावत उनके बीच आयेंगे. लेकिन वे केंद्रीय विद्यालय में कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सीधे डोईवाला के लिए निकल गए. धरना स्थल पर काफी संख्या में लोग आये हुए थे धरना स्थल पर.




