ऋषिकेश: युवा न्याय संघर्ष समिति अब निगम के सामने से हुंकार भरेगी, “अनुशासनात्मक ऐक्शन” के तहत मोहन सिंह असवाल और उषा चौहान को किया समिति से बाहर

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ऋषिकेश :  युवा न्याय संघर्ष समिति के तत्वावधान में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना 54वें दिन भी जारी रहा। संघर्ष समिति ने दो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही भी की। जिसमें उपरांत के मोहन सिंह अस्वाल और उषा चौहान शामिल है दोनों को समिति से बाहर कर दिया है।

सोमवार को धरने में वनन्तरा रिसोर्ट की महिला कर्मचारी के हत्यारों का नार्को टेस्ट करवाने के निर्णय का स्वागत किया गया। संजय सिलस्वाल ने बताया आज निर्णय लिया गया कि धरना निरंतर जारी रहेगा। आमरण अनशन के स्थान पर क्रमिक अनशन धरने के साथ जारी रहेगा।धरना स्थल कोयल घाटी के स्थान पर अब  नगर निगम के सामने धरना स्थल होगा।साथ ही आज एक महत्वपूर्ण बैठक का भी आयोजन किया गया, जिसमें समिति को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

समिति के संयोजक हिमांशु रावत ने कहा कि निश्चित ही नार्को टेस्ट इस केस को मजबूती प्रदान करेगा एवं हत्यारों के खिलाफ एक मजबूत साक्ष्य के रुप में जांच में पुलिस को सहयोग करेगा। वीआईपी के नाम का खुलासा होगा। आज यह स्पष्ट भी हो गया कि कुछ दिन पूर्व दिये मंत्री को बयान को झूठा साबित करते हुऐ वीआईपी के नाम को पता करने के लिये नार्को टेस्ट का आदेश हुआ है। जोकि शासन और सरकार के सामंजस्य पर सवालिया निशान खड़ा करता है।

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समिति के अध्यक्ष संजय सिल्सवाल ने बताया कि आज समिति के संयोजक मण्डल व सदस्यों ने बैठक कर समिति विरोधी गतिविधियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए सर्वसम्मति से समिति से उषा चौहान एवं मोहन सिंह असवाल को समिति से बाहर कर दिया है। कुछ दिन पहले असवाल और संजय सिलस्वाल के बीच किसी बात को लेकर कहा सुनी भी हुई थी। उसके बाद से असवाल धरना स्थल पर नहीं दिखाई दिए।युवा न्याय संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय सिलस्वाल ने कहा, कि समिति विरोधी कार्यकलापों के चलते सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है और उन के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है।

इससे पहले सोमवार शाम के वक्त कोयल घाटी तिराहे के पास से टेंट उखाड़ दिया गया था और नई जगह नगर निगम के सामने जहां पर पहले राज्य आंदोलनकारियों का शहीद स्थल था वहां पर टेंट गाढ़ दिया गया है।

उषा चौहान का कहना है धरने को इन्होंने हाई जैक करने की कोशिश की है। शुरू में मैं खुद बैठी थी धरने में। मैंने आवाज उठाई तो मुझे बाहर कर दिया। जो गलत है। उत्त्तराखण्ड की उस बहन बेटी के खिलाफ आवाज हमने उठाई थी।

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उक्रांद नेता मोहन सिंह असवाल का कहना है, अनुशासन इन्होंने तोड़ा ऐक्शन हमारे खिलाफ हो रहा है। जो गलत है। युवा न्याय संघर्ष समिति के तत्त्वाधान में धरने के कोई औचित्य नहीं रह गया है।उस दिन जब पांचों लोग मंच से उठ गए जो आमरण अनशन पर बैठे थे तो धरना वहीं टूट गया। अनुशासन इन्होंने तोड़ा है न कि मोहन सिंह असवाल और उषा चौहान ने। असवाल ने बताया अब नई समिति बनेगी और नये सिरे से धरना या विरोध हम करेंगे मामले में।हमारी उस बहन बेटी के मामले में लड़ाई जारी रहेगी।

इस अवसर पर वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी लक्ष्मी बुडाकोटी, शीला ध्यानी, लक्ष्मी कठैत, रामेश्वरी चौहान, संयोजक दीपक जाटव, जितेन्द्र पाल पाठी, स्वरूपी देवी, जन्मदेई रावत, कुमारी जया डोभाल, राजेन्द्र कोठारी, विक्रम भण्डारी, पीताम्बर दत्त बुडाकोटी, डॉ आशुतोष डंगवाल एवं अबीर फारुखी, हरि राम वर्मा, हिमांशु रावत, हरि सिंह नेगी, सचिन शर्मा, अरविंद हटवाल, रविन्द्र प्रकाश भारद्वाज, यशवंत सिंह रावत, ओम रतूड़ी, कमलेश शर्मा, बीना रावत, सुरेंद्र सिंह नेगी, आदित्य झा, प्रवीण जाटव आदि मौजूद थे।

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