बागेश्वर :खड़िया खुदाई की वजह से कांडा पड़ाव का प्राचीन कालिका मंदिर झुका एक तरफ, माँ काली की मूर्ति भी 2 इंच खिसकी, डीएम पहुंची

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हिमांशु गड़िया की रिपोर्ट-

बागेश्वर : बागेश्वर जनपद के कांडा तहसील मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध मां कालिका मंदिर के 500 मीटर आस पास के क्षेत्र में लंबे समय से पोकलैंड जेसीबी मशीनों से हो रहे खड़िया खनन का दुष्प्रभाव अब दिखने लगा है।

आदीशंकराचार्य द्वारा स्थापित कालिका मंदिर का एक हिस्सा नींव पर दरार आने से झुकने लगा है और मां काली की मूर्ति भी करीब दो इंच खिसक गई है। मामले का संज्ञान लेते हुए बागेश्वर जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने मंदिर पहुंचकर निरीक्षण किया और SDM को निर्देशित करते हुए लोडर मशीनों से खड़िया खनन पर रोक लगा दी है। साथ ही भू-विज्ञानियों से जांच कराने के आदेश दिए हैं।

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वहीं जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि सुरक्षा उपाय करने के साथ ही और भू-विज्ञानियों से जांच कराई जाएगी। इस मंदिर की स्थापना आदीशंकराचार्य ने 10वीं शताब्दी में की थी। बाद में आपसी सहयोग से लोगों ने मंदिर बनाया और फिर उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग ने मंदिर को भव्य स्वरूप दिया है।

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