IPS अरविंद दिग्विजय नेगी गिरफ्तार, NIA ने किया गिरफ्तार, आतंकी गुट लश्कर-ए-तैयबा से निकला लिंक

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दिल्ली : आईपीएस अधिकारी अरविंद दिग्विजय नेगी को NIA यानि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने गिरफ्तार कर लिया है. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने शुक्रवार को अपने पूर्व पुलिस अधीक्षक और आईपीएस अधिकारी अरविंद दिग्विजय नेगी को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक सदस्य को गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।एजेंसी के एक प्रवक्ता ने यहां यह जानकारी दी।

NIA प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 2011 बैच में पदोन्नत नेगी को पिछले साल 6 नवंबर को NIA द्वारा दर्ज एक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया। एनआईए ने इस मामले में पहले 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। नेगी को हुर्रियत नेतृत्व से जुड़े जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले की जांच के लिए वीरता पदक मिला था। अधिकारी ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीएसपी दविंदर सिंह की भी जांच की थी, जो अपनी कार में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों को घाटी से जम्मू ले जाते हुए पकड़ा गया था। सिंह को जनवरी 2020 में गिरफ्तार किया गया था।

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दरअसल, भारत में आतंकवादी गतिविधियों की साजिश और अंजाम देने में मदद करने के लिए प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा (LET) के नेटवर्क के प्रसार से संबंधित है। प्रवक्ता ने कहा कि एनआईए से लौटने के बाद शिमला में तैनात नेगी की भूमिका की जांच की गयी और उनके घरों की तलाशी ली गयी। उन्होंने कहा कि यह भी पाया गया कि एनआईए के आधिकारिक गोपनीय दस्तावेज नेगी द्वारा एक अन्य आरोपी व्यक्ति को लीक किए गए थे, जो लश्कर का सदस्य है।

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आपको बता दें नेगी ने 26/11 के मुंबई हमलों के बाद एनआईए की स्थापना के बाद से 11 साल से अधिक समय बिताया और एजेंसी में प्रमुख जांच में शामिल थे। 2017 के जम्मू-कश्मीर में एजेंसी की बड़ी साजिश टेरर फंडिंग जांच के अलावा नेगी उस जांच दल का भी हिस्सा थे, जिसने एनजीओ-टेरर फंडिंग मामले के तहत अक्टूबर 2020 में खुर्रम परवेज के आवास पर तलाशी ली थी। ऐसे में इतने बड़े अधिकारी की गिरफ़्तारी से हर कोई हैरान है. सूत्रों के अनुसार पूछताछ के बाद और इस मामले में इनपुट आ सकता है सामने साथ ही और लोगों के नाम आ सकते हैं. क्योँकि मामला गंभीर है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है.

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