ऋषिकेश मां गंगा की रजधानी से अंतर्राष्ट्रीय यज्ञ दिवस जन जागृति यात्रा का हुआ शुभारंभ

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ऋषिकेश  : आगामी 17 सितंबर 2026 को मां त्रिपुरा पीठाधीश्वर चक्रवर्ती की सम्राट श्री श्री 1008 श्री हरि ओम जी महाराज के सानिध्य में अंतर्राष्ट्रीय यज्ञ दिवस का आगाज किया गया. ऋषिकेश त्रिवेणी घाट से मां गंगा में संकल्प लेकर अंतर्राष्ट्रीय यज्ञ दिवस की यात्रा निकाली गई. 17 सितंबर को देशभर में विश्वकर्मा दिवस के उपलक्ष में एवं योग सुयोग से देश के प्रधानमंत्री मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर देशभर में अंतरराष्ट्रीय यज्ञ दिवस के तहत हवन यज्ञ किए जाएंगे.
श्री हरि ओम जी महाराज ने कहा कि आज देश का जल थल नव पूर्ण रूप से दूषित हो चुका है. अगर अग्नि में शुद्ध औषधी से हवन यज्ञ किया जाएगा. तो निश्चय ही शुद्ध अग्नि के बादलों से शुद्ध वर्षा बरसेगी और देश को प्रदूषण से मुक्त करने का कार्य करेगी. यात्रा में उपस्थित ऋषिकेश महापौर शंभू पासवान ने कहा कि 17 तारीख को ही विश्वकर्मा दिवस मनाया जाता है. 17 तारीख को ही देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी का जन्म दिवस है और हम उनके जन्म दिवस पर हर्षोल्लाह से त्रिवेणी घाट में 1008 कुंडली यज्ञ करवाने जा रहे हैं.
ऋषिकेश राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष डी . एस. गुसाई ने कहा कि महाराज जी के सानिध्य में देशभर में यज्ञ किया जा रहे हैं और उत्तराखंड प्रदेश में इस महायज्ञ का विशेष योगदान रहेगा. इस प्रदेश की प्रगति एवं विकास के लिए हम यज्ञ भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उत्तराखंड प्रदेश में विशेष रूप से यज्ञ भगवान का आशीर्वाद बना रहे. उपस्थित राष्ट्रीय लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र पंत ने कहा कि गुरुदेव जी के पावन सानिध्य में उत्तराखंड प्रदेश में 17 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय यज्ञ दिवस पर देवभूमि उत्तराखंड में पहली बार 1008 कुंडीय यज्ञों का कार्यक्रम रखा गया है. ऋषिकेश त्रिवेणी घाट में सुबह 1008 कुंडीय यज्ञ होने के उपरांत उत्तराखंड का सीमांत गुरुकुल नारसन में 1008 कुंडी यज्ञ किए जाएंगे. पन्त यह भी बताया कि यह यात्रा त्रिवेणी घाट से होते हुए गुरुकुल नारसन उत्तर प्रदेश हरियाणा राजस्थान सूरत मध्य प्रदेश त्रिपुरा असम महाराष्ट्र होते हुये चलती रहेगी.
यज्ञ में विशेष रूप से योगदान कर रहे प्रमोद डोभाल ने कहा कि हम प्रदेश के खुशहाली के लिए आगे भी इस तरह की हवन यज्ञ का कार्यक्रम करते रहेंगे. उत्तराखंड प्रदेश मैं जिस तरह से प्रदूषण बढ़ रहा है. उसकी रोकथाम के लिए यह यज्ञ वैसे ही औषधि का काम करेंगे. जैसे बीमार व्यक्ति को औषधी से ठीक किया जाता है. कार्यक्रम में गंगा सभा के सचिव सहित भारी संख्या में साधु संतु संत ब्राह्मण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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