उत्तराखंड में हेली सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखने, बंद सड़कें शीघ्र खोलने तथा आवश्यक सेवाओं की तत्काल बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश

- सभी विभाग 24×7 अलर्ट मोड पर रहें : सीएम
देहरादून : भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा प्रदेश के अधिकांश जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने तथा सोमवार रात्रि से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार तड़के सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से प्रदेश में हो रही वर्षा, विभिन्न जनपदों की स्थिति, बंद सड़क मार्गों, नदियों के जलस्तर, जलभराव, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड में कार्य करें। किसी भी प्रकार की आपदा अथवा आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में एक क्षण की भी देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने जिलाधिकारियों तथा विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में जाने तथा स्वयं स्थिति से रूबरू होने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वर्षा के कारण बाधित सड़क मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए जेसीबी, पोकलेन, डोजर तथा अन्य आवश्यक मशीनरी और संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आवागमन यथाशीघ्र सामान्य किया जा सके और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं को भी पूर्णतः अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर दुर्गम एवं आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल संचालित किए जा सकें तथा जरूरतमंद लोगों तक शीघ्र सहायता पहुंचाई जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी भी स्थान पर भारी वर्षा अथवा भूस्खलन के कारण विद्युत, पेयजल अथवा संचार सेवाएं बाधित होती हैं तो संबंधित विभाग सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर उनकी तत्काल बहाली सुनिश्चित करें।
चारधाम यात्रा सहित प्रदेश के अन्य मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अत्यधिक वर्षा अथवा भूस्खलन की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए तथा मौसम एवं मार्ग की स्थिति सामान्य होने के बाद ही उन्हें आगे जाने की अनुमति दी जाए।
सचिव आपदा प्रबंधन ने की समीक्षा
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने मंगलवार को सभी जनपदों के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर प्रदेश की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने मा0 मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए सभी निर्देशों से अधिकारियों को अवगत कराते हुए कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा प्रत्येक विभाग आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जनपदों में राहत एवं बचाव कार्यों की नियमित समीक्षा करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेशभर की स्थिति पर चैबीसों घंटे लगातार निगरानी रखी जा रही है। सभी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों, जिलाधिकारियों तथा संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया गया है। इस दौरान एससीईओ प्रशासन प्रकाश चंद्र, एससीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ दिनेश कुमार पुनेठा, एसईओसी प्रभारी प्रतिभा पुरोहित आदि उपस्थित रहे।
29 और 30 जुलाई को विभिन्न जनपदों में ऑरेंज अलर्ट-



