ऋषिकेश : संतों का आक्रोश शराब की दुकानों को खोलने के विरोध में दिखा, हुई बैठक, अब डिपार्टमेंटल स्टोर के नाम से शराब बिकेगी !

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ऋषिकेश : राम तपस्थली ब्रह्मपुरी में संत समाज की आम बैठक का आयोजन किया गया जिसमें तीर्थ नगरी ऋषिकेश जिसे उत्तराखंड की योग नगरी के नाम से भी जाना जाता है.

संतों के अनुसार, उसी तीर्थ नगरी में आबकारी विभाग की नई नीति के तहत खुलने जा रही शराब की दुकानों के विरोध में संत समाज  सोमवार को ने आम बैठक बुलाई। बैठक में सभी संत समाज विरक्त वैष्णव मंडल अखिल भारतीय संत समिति ऋषिकेश ने घोर निंदा करें। बैठक की अध्यक्षता कर रहे विरक्त वैष्णव मंडल के अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास  महाराज, अखिल भारतीय संत समिति के प्रदेश महामंत्री स्वामी अरुण दास  महाराज ने योग नगरी तीर्थ नगरी में हो रही नशा विरोधी आंदोलन को अवगत कराते हुए अपना रोष प्रकट किया। धर्मनगरी ऋषिकेश में आबकारी विभाग की नई नीति के तहत खुलने जा रही शराब एवम बीयर की दुकानों जिनको कि डिपार्टमेंटल स्टोर नाम दिया जा रहा है का संत समाज घोर विरोध करेगा । हम सरकार से नटराज चौक, शैलविहार, आवास विकास, रेलवे स्टेशन, बैराज रोड आदि स्थानों पर स्वीकृत की गई दुकानों को अविलंब निरस्त करने की मांग करते हैं. अगर जरूरत हुई तो संतों का शिष्टमंडल मुखमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर धर्मनगरी के स्वरूप बचाने की बात करेगा।

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विश्व भर से आध्यात्मिक और धार्मिक श्रद्धालु जो आस्था निष्ठा के साथ यहां आते हैं. ये उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ है. संत समाज में इसको लेकर भारी रोष है. इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास महाराज, ,स्वामी अरुण दास महाराज, रवि प्रपन्नाचार्य महाराज, स्वामी महंत आलोक हरि महाराज, महंत स्वामी चक्रपाणि महाराज, महंत महावीर दास, महंत प्रमोद दास, महंत करुणा शरण स्वामी, अखंडानंद सरस्वती, स्वामी विष्णु दास, जगदीश प्रसाद भट्ट, दिलीप बिष्ट, स्वामी सुदर्शनाचार्य, महंत सीताराम दास, विनोद कुरियाल, महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य आदि संत उपस्थित रहे.

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