ऋषिकेश : नौशाद अहमद सिद्धिकी (परीक्षक) ने लगाई विद्या मंदिर में संस्कारों की पाठशाला

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ऋषिकेश : नौशाद अहमद सिद्धिकी (परीक्षक) ने लगाई विद्या मंदिर में संस्कारों की पाठशाला।

नौशाद अहमद सिद्धिकी परीक्षक (प्रवक्ता,रसायन विज्ञान रा. आ. इं. का. आदिबद्री गैरसैंण चमोली) परीक्षक का हुआ सम्मान कार्यक्रम में विद्यालय की बहिनों द्वारा तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया साथ ही परीक्षक को प्राचार्य  उमाकांत पंत ने बैच अलंकरण कर व अंग वस्त्र पहनाकर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

इस पर परीक्षक ने अपने को सौभाग्यशाली बताया कहा कि अपने गुरुओं के आशीर्वाद से में इस मंच से आपको सम्बोधित कर रहा हूं कि “विद्या मंदिर में संस्कारो की पूजा होती है”, इसलिए सफल और असफल लोग अपनी क्षमताओं में बहुत भिन्न नहीं होते हैं। वे अपनी क्षमता तक पहुँचने के लिए अपनी इच्छाओं में भिन्न होते हैं” यही कारण है कि सभी विद्यार्थी बोर्ड की वरीयता सूची में नही आ पाते अगर आप सफल होना चाहते हैं  तो अपने विद्या मंदिर के अच्छे अध्यापकों द्वारा सुनी हर बात को सकारात्मकता पूर्वक ले। रामगोपाल रतूड़ी के कार्यक्रम में संचालन में कर्णपाल बिष्ट, नरेंद्र खुराना, विनय सेमवाल, सतीश चौहान,सुबोध नारायण, सुन्दर सिंह, मनोरमा शर्मा, निधि रतूड़ी ,यशोदा भारद्वाज,कांता प्रसाद देवरानी एवम अन्य छात्र छात्राएं मौजूद रहें।

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