ऋषिकेश : गौहरी माफ़ी में दो माह पूर्व हुऐ बाढ़ नियंत्रण के कार्यों की गुणवत्ता की हो उच्च स्तरीय जाँच : जयेन्द्र रमोला

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ऋषिकेश : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने ग्रामसभा गौहरी माफ़ी के बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में दौरा करते हुऐ जारी एक बयान में कहा के कल भारी वर्षा के कारण ऋषिकेश विधानसभा के विभिन्न गांवों में बाढ़ जैसे हालात हुऐ जिसमें ग्रामसभा गौहरी माफ़ी में पिछले कई वर्षों की तरह हालात जस के तस हैं.

जबकि गौहरी माफ़ी में चार वर्ष पूर्व लगभग पाँच करोड़ रूपये से बाढ़ रोकने के लिये पुस्तों का कार्य किया गया जोकि कल की बारिश में पूरी तरह ढह गये हैं और तो और लगभग दो माह पूर्व सिंचाई विभाग द्वारा गौहरी माफ़ी में लगभग 9 करोड़ 65 लाख की लागत से बने बाढ़ सुरक्षा दीवार भी ख़राब गुणवत्ता से बनी होने के कारण कल की बारिश से क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे गांव में बड़ा खतरा पैदा हो गया है पूर्व में 2018 में बनी बाढ़ सुरक्षा दीवार भी खराब गुणवत्ता के कारण बह गई । साथ ही लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से सिंचाई नहर का भी जो निर्माण और मरम्मत की गई थी उसमें भी भारी अनियमितता के कारण सिंचाई नहर का हेड भी टूट कर पानी में बह गया और सिंचाई नहर भी धीरे-धीरे टूटने लगी है ।

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रामोला ने कहा, वर्ष पूर्व में भी बाढ़ से गाँव कई दिनों तक ख़तरे के मुहाने पर रहा परन्तु सरकार में बैठे लोग सिर्फ़ हवाई दौरा करने के अलावा कुछ नहीं कर सके । रमोला ने कहा कि कहीं ना कहीं कार्यदायी संस्था द्वारा ख़राब गुणवत्ता के कारण करोड़ों रूपयों को बाढ़ नियंत्रण के कार्यों के नाम पर ठिकाने लगाया गया, इसमें क्षेत्रीय विधायक द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया बस बाढ़ के बाद दौरे तक ही सीमित रहे साथ ही विभागीय लापरवाही पर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री की चुप्पी कहीं ना कहीं ये दर्शाती है कि गौहरी माफ़ी में हुऐ गुणवत्ता विहीन बाढ़ कार्यों में विभागीय अधिकारियों के साथ साथ इनकी भी संलिप्तता है ।

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रमोला ने चेतावनी देते हुए कहा हम मुख्यमंत्री से इसमें उच्च स्तरीय जाँच की माँग चाहते हैं ताकि दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाय अन्यथा हमें ग्रामीणों के साथ आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा ।

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