UK :सूचना (RTI) देने में लापरवाही बरतने वाले MDDA के दो अधिकारियों पर 20,000 रुपये का जुर्माना

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  • उत्तराखण्ड सूचना आयोग का बड़ा फैसला: सूचना देने में लापरवाही बरतने वाले MDDA के दो अधिकारियों पर 20,000 रुपये का जुर्माना
देहरादून/ऋषिकेश: उत्तराखण्ड सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी को समय पर और स्पष्ट रूप से न देने पर कड़ी नाराजगी जताई है । माननीय राज्य सूचना आयुक्त  दलीप सिंह कुँवर ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) के दो लोक सूचना अधिकारियों पर कुल 20,000 रुपये की शास्ति (जुर्माना) अधिरोपित की है । शिकायतकर्ता ऋषिकेश निवासी  चंद्रभूषण शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया, उन्हूने,   29 अगस्त 2025 को MDDA से 21 बिंदुओं पर महत्वपूर्ण सूचनाएं मांगी थीं । विभाग द्वारा प्रदान की गई सूचना से असंतुष्ट होकर उन्होंने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी । आयोग ने सुनवाई के दौरान पाया कि अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी न केवल अस्पष्ट थी, बल्कि वह बिंदुवार भी नहीं थी, जो RTI अधिनियम के प्रावधानों का घोर उल्लंघन है ।
आयोग द्वारा की गई कार्रवाई:
• दोषी अधिकारी: आयोग ने सुश्री एकता अरोड़ा (अनु सचिव) और श्री अभिषेक भारद्वाज (सहायक अभियन्ता) को सूचना उपलब्ध कराने में बाधा उत्पन्न करने का दोषी पाया । 
• आर्थिक दंड: दोनों अधिकारियों पर धारा 20(1) के तहत 10,000-10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है । 
• सूचना देने का आदेश: आयोग ने निर्देशित किया है कि आदेश प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर शिकायतकर्ता को सभी 21 बिंदुओं पर बिंदुवार और स्पष्ट सूचना पंजीकृत डाक के माध्यम से अनिवार्य रूप से भेजी जाए ।
आयोग की टिप्पणी: सुनवाई के दौरान माननीय आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं था और सूचना प्रदान करने में किया गया विलम्ब अधिनियम के विरुद्ध है । आयोग ने उपाध्यक्ष, MDDA को निर्देशित किया है कि वे इस जुर्माने की राशि की वसूली सुनिश्चित कर आयोग को सूचित करें ।

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