UK :संत निरंकारी मिशन की ब्रांच ऋषिकेश में योग एवं आध्यात्मिक जागरूकता पर केंद्रित कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया

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  • स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली को समर्पित निरंकारी मिशन का योग दिवस
ऋषिकेश :  सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन आशीर्वाद से अंर्तराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर संत निरंकारी मिशन की ब्रांच ऋषिकेश में योग एवं आध्यात्मिक जागरूकता पर केंद्रित कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।  जिसमें योग शिक्षक मनीष गैरोला एवं ज्योति प्रजापति ने परिभागियों को योगाभ्यास करवाया।
ब्रांच संचालक दुष्यंत कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि योग दिवस के अवसर पर आयोजित योग सत्र का उद्देश्य *स्वस्थ मन सहज जीवन* के माध्यम से शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना तथा दैनिक जीवन में योग को अपनाना है। योग शिविर की शुरुआत पवनमुक्तासन श्रृंखला के विभिन्न सूक्ष्म व्यायामों से की गई। इसमें पैर की अंगुलियों का संचालन, टखनों का संचालन एवं चक्रण, घुटनों का संचालन आदि अभ्यास सम्मिलित थे। इसके पश्चात चक्की चालनासन, मेरु वक्रासन किया गया। वज्रासन एवं मण्डूकासन, सूर्य नमस्कार किया गया।खड़े होकर किए जाने वाले आसनों में ताड़ासन, त्रियक ताड़ासन, वृक्षासन तथा कटिचक्रासन का अभ्यास कराया गया। सत्र का समापन अनुलोम-विलोम प्राणायाम एवं भ्रामरी प्राणायाम के साथ किया गया। कार्यक्रम में श्रद्धालु भक्तों, सेवादल स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता की। दोनों अनुभवी योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में आयोजित योग सत्र में प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
सतगुरु माता जी अक्सर अपने विचारों में ‘स्वस्थ मन सहज जीवन’ का उल्लेख करते हुए बताते है कि हमारा शरीर निरंकार प्रभु की देन है जिसे स्वस्थ रखना हमारा मूल कर्त्तव्य है इसलिए दीर्घआयु और सक्रिय सफल जीवन के लिए योग नितांत आवश्यक है।इस वर्ष अंर्तराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थी, जिसने यह संदेश दिया कि वास्तविक स्वास्थ्य शारीरिक, मानसिक और आत्मिक संतुलन का समन्वित स्वरूप है। इसी भावना के अनुरूप संत निरंकारी मिशन ने योग को आत्मजागृति, अनुशासन और सकारात्मक जीवन दृष्टि का सशक्त माध्यम बताते हुए जन-जागरूकता को प्रोत्साहित किया।

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