त्रिवेणी घाट पर सांप, मगरमच्छ आदि जलजीव बहकर आये, दो SDRF कर्मी भी बहे, लेकिन कैसे बचाया जानें

त्रिवेणी घाट पर हुआ मॉक ड्रिल, कई विभागों के कर्मियों ने की शिरकत

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  • उत्तराखंड में मौसम को देखते हुए ऋषिकेश में राज्य आपदा प्रबंधन की ओर से बाड़ प्रबंधन के कार्यों को परखने के लिए मॉक ड्रिल किया गया
  • सडीएम ऋषिकेश योगेश मेहरा ने बताया कि मॉक ड्रिल में सभी विभागों की क्षमताओं को परखा गया और इसकी मॉनिटरिंग खुद मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों ने लाइव परखी
ऋषिकेश :  त्रिवेणी घाट पर भारी बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग़ंगा का जलस्तर बढ़ जाने और तेज बहाव के कारण घाट पर सांप, मगरमच्छ आदि जलजीव बहकर आ गए हैं। कंट्रोल रूम सूचना पर टीम द्वारा तुरंत एक्शन लेते हुए त्रिवेणी घाट पहुंचा । सूचना मिलते ही पर वन विभाग इनका रैस्कयू करने त्रिवेणी घाट पहुंचा। वहीं इसी दौरान एसडीआरएफ को दो लोगों के बाढ़  में बहने की सूचना मिली मौके पर उनका रैस्कयू कर उनकी जान बचाई गई । कुछ ऐसा ही नजारा था त्रिवेणी घाट का जहां राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश पर लोकल प्रशासन अपनी तैयारियों को परख रहा था।
उत्तराखंड में मौसम को देखते हुए ऋषिकेश में राज्य आपदा प्रबंधन की ओर से बाड़ प्रबंधन के कार्यों को परखने के लिए मॉक ड्रिल किया गया, दो व्यक्तियों के त्रिवेणी घाट में बाड़ में फंसे होने की सूचना पर मॉक ड्रिल किया गया साथ ही गंगा में बाड़ के पानी के साथ बह कर आए वन्यजीव का भी रेस्क्यू किया गया जिसमें लोकल प्रशासन के साथ SDRF,जल पुलिस, फायर , वनविभाग सहित चिकित्सा विभाग की तत्परता को परखा गया । एसडीएम ऋषिकेश योगेश मेहरा ने बताया कि मॉक ड्रिल में सभी विभागों की क्षमताओं को परखा गया और इसकी मॉनिटरिंग खुद मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों ने लाइव परखी। सभी विभागों ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। मॉक ड्रिल में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी से मनोज कुमार गुप्ता आचार्य मनुश्री, ओम प्रकाश गुप्ता, डॉ. संजीव कुमार चौहान, गोपाल रावत ने शांति प्रपंच शर्मा राजकीय चिकित्सालय स्वास्थ्य विभाग से डॉ. अमित रौतेला के साथ स्वयंं सेवी के रूप रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रतिभा किया। मौके पर गंगा घाट पर स्नान कर रहे तीर्थयात्रि एवं प्रर्यटक भी ये दृश्य देख रोमांचित हो उठे।
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