नैनीताल : एसएसपी नैनीताल द्वारा ममता हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीमों को किया गया सम्मानित, मोहम्मद अशरफ निकला कातिल

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नैनीताल : एसएसपी नैनीताल द्वारा ममता हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीमों को किया गया सम्मानित।

दिनांक 09.11.2022 को  पंकज भट्ट, एसएसपी नैनीताल द्वारा पिछले दिनों में मुखानी क्षेत्र में ममता बिष्ट की सनसनीखेज हत्या की घटना का खुलासा करने तथा आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने वाली पुलिस टीम के अधिकारी व कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सभी के द्वारा दिए गए अपने महत्वपूर्ण योगदान तथा टीम वर्क की भी सराहना की गई। थानाध्यक्ष मुखानी को अभियोग की विवेचना का सफल निस्तारण करते हुए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने हेतु भी निर्देशित किया गया।

यह था मामला-

बाजपुर कोतवाली क्षेत्र की बन्नाखेड़ा चौकी में तैनात सिपाही शंकर बिष्ट की पत्नी ममता की हत्या वेल्डर असरफ ने लूट के लिए ही की थी। किच्छा का मो. अशरफ उर्फ भूरा ममता का कातिल निकला। कर्ज में डूबने पर उसने वारदात को अंजाम दिया। पहले पुलिस हत्या को लूट दिखाने का प्रयास मान रही थी। लेकिन साक्ष्यों के आधार पर कहानी में नया मोड़ आ गया।

उत्तराखंड के हल्द्वानी में पुलिस ने पांच दिन पहले हुए पुलिस आरक्षी (सिपाही) शंकर सिंह बिष्ट की पत्नी की हत्या की घटना से पर्दा उठा दिया है। हत्या को लूट के इरादे से मकान में ग्रिल लगाने वाले मजदूर ने अंजाम दिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कुमाऊं के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) डा. नीलेश आनंद भरणे द्वारा सोमवार को हल्द्वानी में पत्रकारों के समक्ष इस मामले का खुलासा किया गया। उन्होंने बताया कि हत्या डेढ़ से दो साल पहले शंकर सिंह के मकान में ग्रिल का काम करने वाले मजदूर मोहम्मद अशरफ उर्फ भूरा निवासी 88 सुनेरी वार्ड नंबर-1, किच्छा, ऊधमसिंह नगर द्वारा की गयी है। आरोपी को वार्ड नंबर-11, नई बस्ती, नूरी मस्जिद, किच्छा से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी को पता था कि सिपाही शंकर सिंह बिष्ट बाहर तैनात है और उसकी पत्नी ममता घर में अकेली रहती है। उसने हत्या के दिन ऐसा वक्त चुना जब बच्चे स्कूल गये थे। वह घटना के दिन हल्द्वानी के कालिका कालोनी, गली नं. 6, लोहरियासाल तल्ला, थाना मुखानी पहुंच गया और उसने ममता को बताया कि वह दूसरे घर में ग्रिल लगाने का काम कर रहा है और आपके घर की ग्रिल की फोटो लेनी है।

ममता उस वक्त घर में अकेली थी। वह आरोपी की चाल में आ गयी। आरोपी ने घर में घुसते ही ममता से पानी मांगा और जेब में हत्या के इरादे से पहले से रखी हथौड़ी से ममता के सिर पर कई वार कर दिये। ममता बेदम होकर गिर गयी और उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। इसके बाद आरोपी ने घर को खंगाला और जेवर व नकदी लेकर फरार हो गया। इस घटना का पता तब चला जब स्कूल से बच्चे शाम को घर लौटे। जब मां घर में नहीं दिखी तो ममता का 17 साल का बेटा कपिल मुखानी थाना जा पहुंचा और घर में लूट व मां के गायब होने की जानकारी दी। पुलिस तुरंत हरकत में आयी। ममता का शव किचन से बरामद हुआ। पुलिस ने हत्यारे की गिरफ्तारी के लिये तीन टीमों का गठन किया। कालोनी में आने जाने वाले रास्तों के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। कई संदिग्धों से पूछताछ की गयी।

आरोपी ने हत्या की बात कुबूल करते हुए बताया कि वह कर्ज में डूबा था और उसने इससे बाहर निकलने के लिये लूट का इरादा बनाया। इसके लिये उसने शंकर सिंह के घर को चुना। उसे पता था कि सिपाही शंकर सिंह बाहर रहता है और शंकर की पत्नी ममता घर में अकेले रहती है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से जेवर व नकदी भी बरामद कर ली है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार, डीआईजी व एसएसपी ने मामले का खुलाा करने वाली टीम को 1.75 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। कालाढूंगी के विधायक बंशीधर भगत व हल्द्वानी के मेयर जोगिदंर पाल सिंह रौतेला ने हत्याकांड का जल्द खुलासा करने के लिये पुलिस टीम की सराहना की और नकद पुरस्कार देने की घोषणा भी की थी।

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