ऋषिकेश : विख्यात एथलीट पीटी उषा आयी परमार्थ निकेतन…परमार्थ गुरूकुल के आचार्यो एवं ऋषिकुमारों ने ”उड़न परी” पीटी उषा का किया अभिनन्दन

भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष एवं राज्यसभा में मनोनीत सांसद पीटी उषा ने किया गंगा पूजन और अभिषेक

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ऋषिकेश : क्वीन ऑफ इंडियन ट्रैक, भारत का गौरव विख्यात एथलीट पीटी उषा सपरिवार परमार्थ निकेतन आयी। परमार्थ गुरूकुल के आचार्यों और ऋषिकुमारों ने पुष्पवर्षा और शंख ध्वनि से उनका अभिनन्दन किया।पीटी उषा ने वर्ष 1979 से ही खेल के प्रति अपना जुनून, जज्बा और अद्भुत प्रतिभा का जौहर पूरे विश्व के सामने दिखाया। उनकी अद्म्य खेल प्रतिभा से पूरा भारत गौरान्वित महसूस करता है।

सर्वश्रेष्ठ महिला एथलीट पीटी उषा ने परमार्थ निकेतन गंगा तट पर वेद मंत्रों के पाठ के साथ माँ गंगा का पूजन व अभिषेक कर माँ गंगा का आशीर्वाद लिया।पिट्सबर्ग, पेंसिल्वेनिया की धरती से परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी संदेश दिया कि भारत की बेटी पीटी उषा ने दिखा दिया कि भारत की बेटियाँ ऊँची से ऊँची उड़ान भर सकती हंै, वह अपने सपनों के आसमान को छू सकती है। भारत की बेटियाँ केवल सपने देखती ही नहीं बल्कि उसे पूरा भी करती है। पीटी उषा ने दिखा दिया कि अगर हमारे अन्दर जज्बा, जुनून और लगन हो तो सब कुछ हसिल किया जा सकता है।

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स्वामी जी ने संदेश दिया कि पीटी उषा ने पूरे भारतवर्ष को गौरवान्वित किया है इसलिये बेटियों की कल्पना, कल्पना न रह जायें, उनका सपना, सपना न रह जायें बल्कि वे जीवन की हर ऊँचाई को वह छू सके इसलिये उन्हें उचित सुरक्षा और शिक्षा देना जरूरी है। आज के युग में बेटियों को ’’संरक्षण नहीं, संसाधन चाहियें’’, सामान नहीं सम्मान चाहिये। वे प्रतिभाशाली और अद्म्य साहसी हैं परन्तु एक कटु सत्य यह भी है कि आज भी कई स्थानों पर बेटियों पर बेटों जैसा विश्वास, शिक्षा और सम्मान नहीं किया जाता। बेटियों को सुरक्षित व सम्मान युक्त वातावरण देना समाज की सोच पर निर्भर करता है। सोच बदलेगी तो ही बेटियों का संघर्ष, प्रतिभा और चुनौतियाँ दिखाई दंेगी। भारतीय महिलाओं की उपलब्धियों की सूची बहुत बड़ी है बस उस पर गौर करने की जरूरत है। हमारी बेटियाँ किसी से कमतर नहीं है बस उन पर विश्वास करने की आवश्यकता है।’

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पीटी उषा ने अपनी मेहनत, लगन और काबिलियत के बल पर अनेक कीर्तिमान स्थापित कर न सिर्फ देश का मान बढ़ाया है बल्कि भारत की बेटियों के लिए भी एक मिसाल कायम की है। उन्होंने भारत को कई स्वर्णपदक दिलवाकर पूरे विश्व में भारत का मान बढ़ाया है।भारत की बेटी पीटी उषा अपनी ‘उषा अकादमी’ द्वारा भारतीय एथेलेट्स निर्माण करने का कार्य कर रही हैं जो अत्यंत गौरव का विषय है।

पीटी उषा ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती  द्वारा वैश्विक स्तर पर किये जा रहे पर्यावरण और मानवता की सेवा कार्यों के की सराहना करते हुये कहा कि परमार्थ निकेतन में अध्यात्म और सेवा का अद्भुत संगम है।इस अवसर पर पी.टी.उषा, श्रीनिवासन, रामकृष्णन, पुष्पा, रामकृष्णन, सुनैना और परिवार के अन्य सदस्य आयें, उन्होंने पूज्य स्वामी जी की कुटिया में ध्यान कर उस दिव्य आध्यात्मिक शक्तियों का अनुभव किया।

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