ऋषिकेश : मेयर ने गंगा में प्लास्टिक प्रदूषण खत्म करने का किया आह्वान, ऋषिकेश गंगा एंटी-प्लास्टिक एक्सपो में प्लास्टिक के विकल्पों और कचरे के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित

सीजीएपीपी परियोजना के लिए महिला दल द्वारा गंगा बेसिन में प्लास्टिक प्रदूषण के लिए शोध

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ऋषिकेश : शनिवार को सेंटर फॉर ग्लोबल अफेयर्स एंड पब्लिक पॉलिसी (सीजीएपीपी) द्वारा ऋषिकेश गंगा एंटी-प्लास्टिक एक्सपो, आयोजित किया गया। 2-दिवसीय एक्सपो में प्लास्टिक विकल्प, नदी साफ़-सुथरीकरण और कचरे के प्रबंधन पर काम करने वाले स्टार्ट-अप्स की प्रदर्शनी होगी ।यह प्रदर्शनी परमार्थ निकेतन आश्रम 30 अप्रैल तक जारी रहेगी। इस प्रदर्शन में Waste Warriors, Switcheko, Uttarakhand Pollution Control Board, River Recycle, Recykal, Amwoodo, Plastic Fische, Code Efforts और Nirmalya जैसे भारतीय और विदेशी स्टार्ट-अप्स, सरकारी संगठन और सिविल सोसायटी संगठन शामिल हैं।

ऋषिकेश मेयर अनिता ममगाईं उद्घाटन सत्र की मुख्य अतिथि थीं। उद्घाटन समारोह में गंगा में प्लास्टिक के मुद्दे पर चर्चा की गई। उन्होंने प्रतिभागियों से गंगा में प्लास्टिक प्रदूषण को हटाने के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने की अपील की और प्लास्टिक वेस्ट खत्म करने के लिए चली मुहिम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की।”सिंगल यूज प्लास्टिक बैन एक दूरदर्शी कदम है और इसे लागू करने के लिए, हमें अपने जीवन के हर पहलू से प्लास्टिक को कम करने के लिए साथ आना चाहिए,” उन्होंने कहा।यह एक्सपो CGAPP के ” टैक्लिंग प्लास्टिक पोलियूशन इन द गंगा बेसिन” परियोजना का हिस्सा है। प्रोजेक्ट में एक महिला टीम द्वारा भारत और बांग्लादेश में 12 स्थानों पर शोध भी होगा, जो गंगा में प्लास्टिक प्रदूषण का अनुमान लगाने के लिए जल और भूरज के नमूने एकत्र करेगी। टीम प्रयागराज से वाराणसी तक नाव से यात्रा करेगी और युवा, स्थानीय समुदायों और अन्य हितधारकों के साथ संपर्क कार्यक्रम आयोजित करेगी।

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इसका समापन ढाका, बांग्लादेश में सम्मेलन के साथ होगा।डॉ. मानसी बाल भार्गवा, WforW और प्रोजेक्ट लीड रिसर्चर, ने प्रोजेक्ट के लिए मेथडोलॉजी और रणनीति के बारे में बताया। उन्होंने 24 अप्रैल से 28 अप्रैल तक हुए शोध लेग के दौरान अपने अवलोकनों के बारे में भी बताया और पूरी टीम को परिचय दिया।सीएसआईआर-नीरी से डॉ रमन शर्मा और लिविंग वाटरस फाउंडेशन से डॉ सारा अहमद ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत सुक्रित सेन ने एक संगीत प्रदर्शन से की जिसमें उन्होंने गंगा और संगीत के बारे में बताया।

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