ऋषिकेश: खरोला परिवार का उत्तराखंड आन्दोलन में है ऐतिहासिक योगदान: धीरेंद्र प्रताप 

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ऋषिकेश : उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष  उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी धीरेंद्र प्रताप ने कहा है कि भोला सिंह  खरोला परिवार का उत्तराखंड राज्य निर्माण में ऐतिहासिक योगदान है।जिसे कभी भुलाया नही जा सकता। प्रताप शनिवार को स्वर्गीय सोना देवी खारोला की 13वीं में शामिल होने ऋषिकेश आए हुए थे। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि जिस वक्त 1994 में आंदोलन अपनी पूर्ण ऊंचाई पर था स्वर्गीय भोला सिंह खरोला उत्तराखंड संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष थे और स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी जिन्हें उत्तराखंड का गांधी कहा जाता है. उनके सबसे निकट के सलाहकार थे.  उनके नवरत्नों में कहे जाते थे। धीरेंद्र प्रताप ने कहा भोला सिंह खरोला बहुत ही सीधे-साधे और जमीनी कार्यकर्ता थे। उन्होंने और उनकी पत्नी स्वर्गीय सोना देवी ने रात दिन आंदोलन में हिस्सा लिया और उनके घर पर सैकड़ों लोगों का जमावड़ा रहता था।
आंदोलनकारी उनके घर पर आते-जाते थे और  सोना देवी  अनेक लोगों का भोजन तैयार करती थी. कोई भी ऐसा सत्याग्रह नहीं था. जिसमें अपने पति के साथ शरीक नहीं होती थी।।उन्होंने कहा यही कारण है की माता-पिता की शिक्षा से राजपाल खरोला जैसे परिवार में नौजवान पैदा हुए जिन्हें कांग्रेस ने विधानसभा का टिकट देकर सुशोभित किया‌। उन्हूने ऋषिकेश से विधानसभा का चुनाव कांग्रेस की टिकट पर लड़ा.धीरेंद्र  ने कहा कि जब वह मंत्री थे उन्होंने बहुत भरसक प्रयास किए थे कि स्वर्गीय भोला सिंह खरोला की प्रतिमा नटराज चौराहे पर लगाई जाए. यद्यपि बाद में वहां पर इंद्रमणि बडोनी  की प्रतिमा लगाई गई । उन्होंने कहा यह काम अभी बाकी है और कांग्रेस की जब सरकार आएगी 2027 में सबसे पहले उनका यह प्रयास रहेगा. यदि उनमें जरा भी ताकत रही तो वहां पर किसी न किसी चौराहे पर स्वर्गीय भोला सिंह खारोला की प्रतिमा लगाई जाए. जिससे आने वाली पीढियां  वरशो उनसे प्ररेणा ले सके। धीरेंद्र प्रताप ने   कहा कि उन जैसे लोगों का जो त्याग था. उसे आज उत्तराखंड राज्य बना है. यह और बात है कि प्रेमचंद जैसे नेता उन लोगों को यहां पर राजनीति करने का मौका मिला। जबकि उनका उतना योगदान नहीं था इतना की खरोला परिवार का था।
धीरेंद्र प्रताप ने खरोला परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दी की आने वाले सालों  में उनके परिवार से किसी न किसी व्यक्ति को पार्टी का प्रतिनिधित्व मिले और राज्य को खारोला परिवार के पुरखों की इच्छा के अनुरूप दिशा मिल सके। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि वह राज्य आंदोलन के दौरान लगातार ऋषिकेश आया करते थे और स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी द्वारा आयोजित बैठक में इसकी अध्यक्षता भोला सिंह खारोला करते थे. उनमें सम्मिलित होते थे. ज्यादातर बैठकर आईडीपीएल में होती थी. उन्होंने कहा कि आईडीपीएल का नाम भी भोला सिंह खारोला  के नाम से कर देना चाहिए. आज शाम में उनकी याद में  आयोजित श्रद्धांजलि सभा में  सम्मिलित हुए और दिवंगत महान आत्मा स्वर्गीय सोना देवी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की । इस मौके पर पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण  नगर पालिका अध्यक्ष कोठारी  और कांग्रेस महामंत्री विजय सारस्वत और कांग्रेस अध्यक्ष विनय सारस्वत देहरादून जिला कांग्रेस के अध्यक्ष मोहित उनियाल यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार रहे जयेन्द्र रमोला, देहरादून नगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा, देहरादून के पूर्व विधायक राजकुमार समेत हजारों लोग उपस्थित थे।
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