ऋषिकेश : मिस कॉल से हुई बात-मुलाकात कैसे युवती के क़त्ल तक पहुँच गयी बात, पुलिस ने किया खुलाशा, आरोपी गिरफ्तार

IDPL इलाके में जंगल में युवती का साहव मिलने का मामला, एसपी ग्रामीण कमलेश उपाध्याय ने बुधवार को किया खुलाशा

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  • आरोपी पति गब्बर ही निकला कातिल. किया हरिद्वार से गिरफ्तार
  • कोतवाली ऋषिकेश पुलिस व एस.ओ.जी देहात की संयुक्त पुलिस टीम की मेहनत लायी रंग

मनोज रौतेला की रिपोर्ट :

ऋषिकेश : ऋषिकेश पुलिस ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर IDPL के जंगल में युवती की लाश मिलने के मामले में खुलाशा कर दिया है. खुलाशा करते हुए एसपी ग्रामीण कमलेश उपाध्याय ने बताया आरोपी उसका पति ही निकला जो गिरफ्तार हो चुका है. प्रेस वार्ता के दौरान ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर रवि सैनी भी रहे मौजूद.

कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर रवि सैनी

दरअसल, मामले पर नजर डालें तो, पिछले साल 9 दिसंबर 2021 को कोतवाली ऋषिकेश को सूचना प्राप्त हुई कि एक महिला मृत अवस्था में लेबर कालोनी तिराहे के सामने नाले के आगे झाडियों मे आईडीपीएल क्षेत्र में पड़ी है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश के द्वारा स्वयं फ़ोर्स के साथ मौके पर जाकर देखा तो महिला मृत अवस्था में पड़ी थी।तत्काल फील्ड यूनिट व फोरेंसिक टीम को बुलाया गया।

सूचना पर क्षेत्राधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।शव की शिनाख्त के लिए पत्राचार एवं सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया। जिस पर जानकारी प्राप्त हुई थी इसका नाम आरती बोई पुत्री रविन्द्र बोई उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम अदनगढ जिला जगत सिहपुर उडीसा हाल निवासी कृष्णा नगर कॉलोनी आईडीपीएल ऋषिकेश है। पंचातनामा की कार्रवाई की गयी व शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स मोर्चरी में रखवाया गया. 12 दिसंबर 2021 को एम्स हॉस्पिटल ऋषिकेश में मृतक महिला के शव का पोस्टमार्टम किया गया था। 22 जनवरी 2022 को पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ज्ञात हुआ कि महिला की हत्या गला दबाकर की गई है। जिसपर सब इंस्पेक्टर मनवर सिंह नेगी द्वारा कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा अपराध संख्या 58/2022, धारा 302 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गयी.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी संजय भरद्वाज उर्फ़ गब्बर

पुलिस की कई टीमें गठित की गई गठित टीमों के द्वारा घटनास्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर खड़ी ठेली और फेरी वालों से पूछताछ की गई। आसपास लगे लगभग 20-25 सी.सी.टी.वी कैमरों का निरीक्षण किया गया। सर्विलांस टीम द्वारा घटनास्थल के आसपास प्रयोग मे आये संदिग्ध मोबाइल नंबर के धारकों से पूछताछ की गई एवं मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। सर्विलांस से प्राप्त संदिग्ध एवं संदिग्ध मोबाइल नंबर के विषय में मुखबिर तंत्र को सूचना दी गई। जिस पर जानकारी प्राप्त हुई थी कि उपरोक्त मृतका घटनास्थल के आसपास अपने पति संजय कुमार भारद्वाज उर्फ गब्बर के साथ देखी गई थी। जिस पर उसके पति संजय भारद्वाज उर्फ गब्बर को पूछताछ के लिए जनपद हरिद्वार से कोतवाली ऋषिकेश लाया गया। जहां सख्ती से पूछताछ करने पर उसके द्वारा अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि “मेरे द्वारा ही अपनी दूसरी पत्नी आरती बोई के सिर पर पत्थर मारकर व गला दबाकर हत्या की गई थी तथा बताया गया कि आरती बोई मेरी दूसरी पत्नी थी. जो कि मेरे साथ कृष्णा नगर कॉलोनी आईडीपीएल में रहती थी. आरती के द्वारा मुझे मेरी पहली पत्नी तथा बच्चों से मिलने नहीं देती थी. जिसके साथ काफी ज्यादा पारिवारिक क्लेश रहता था. मैं चाहता था कि आरती अपने घर कटक (ओडिशा)वापस चली जाए. मेरे द्वारा आरती को वापस भेजने के लिए 1 माह पूर्व भी ट्रेन का टिकट कराया गया था. परंतु आरती नहीं गई. मेरे बार-बार प्रयास करने पर भी आरती वापस जाने को तैयार नहीं हुई. जिसके बाद मेरे मन में आरती को जान से मार देने का विचार आया. मैं आरती को लेकर लेवल कॉलोनी (IDPL क्षेत्र) के समीप झाड़ियों में गया तथा एक पत्थर उठाकर उसके सिर पर दे मार, तथा उसका गला दबा दिया. जिससे उसकी मौत हो गई उसके बाद मैं अपने गांव बलिया चला गया. आज मैं अपने बच्चों से मिलने हरिद्वार आ रहा था तो पुलिस टीम ने मुझे पकड़ लिया”.

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प्रेस वार्ता करते हुए एसपी ग्रामीण कमलेश उपाध्याय और साथ में कोतवाली प्रभारी ऋषिकेश रवि सैनी

दरअसल, संजय भरद्वाज उर्फ़ गब्बर की मिस कॉल के जरिये आरती से बात फिर मुलाकात हुई थी.बाद में दोनों ने शादी कर ली. मिस कॉल से हुई शरुवात मर्डर तक पहुँच गयी. वहीँ आरती के परिजनों का कहना था वो घर से भाग गयी थी इसलिए हमें उसके बारे में कुछ नहीं पता.किससे शादी की यह भी नहीं पता चला हमें बस इतना पता था की वह हरिद्वार में कहीं पर फैक्टरी में काम करती है. गब्बर का जन्म ऋषिकेश में ही हुआ है. गब्बर रहने वाला उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के बलिया जिले का रहने वाला है. मर्डर करने के बाद गब्बर अपने गाँव बलिया भाग गया था. इस केस के खुलाशा करने पर पुलिस टीम को ढाई हजार का इनाम भी देने की जानकारी दी गयी एसपी ग्रामीण कमलेश उपाध्याय ने.

गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व् पता है-
संजय कुमार भारद्वाज उर्फ गब्बर पुत्र राम केशर निवासी ग्राम- बेचुकापुरा, कुसांहा ब्राहम्ण (मैक्स हॉस्पिटल के पीछे) पो0ओ0- जजोली थाना भीमपुरा नं0 1 तहसील बेलथरा रोड़ जिला बलिया, उत्तरप्रदेश, हाल निवासी- कृष्णानगर कालोनी ऋषिकेश, जिसकी उम्र 35 वर्ष है.

पुलिस टीम कोतवाली ऋषिकेश-
1-इंस्पेक्टर रवि सैनी, प्रभारी कोतवाली
2-सीनियर सब इंस्पेक्टर डी.पी.काला
3-सब इंस्पेक्टर नवीन डंगवाल
4-सब इंस्पेक्टर मनवर सिंह
5-आरक्षी दुष्यंत
6-आरक्षी सतेंद्र कठैत
7-आरक्षी गब्बर सिंह

एसओजी देहात टीम-
1- सबइंस्पेक्टर ओम शांति भूषण प्रभारी एसओजी देहात
2- आरक्षी नवनीत नेगी
3- आरक्षी मनोज कुमार
4- आरक्षी कमल जोशी
5- आरक्षी सोनी
6- महिला आरक्षी जमुना

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