पिथौरागढ़ : मनोज कुमार गुप्ता, मुख्य न्यायाधीश, उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने जनपद के अपने निर्धारित प्रवास के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शिरकत की

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पिथारौगढ़ : रविवार को  मनोज कुमार गुप्ता, मुख्य न्यायाधीश, उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने जनपद पिथौरागढ़ के अपने निर्धारित प्रवास के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए न्यायिक व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण एवं न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में सार्थक पहल की।
अपने प्रवास के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने जिला बार एसोसिएशन, पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर अधिवक्ताओं एवं न्यायिक अधिकारियों द्वारा उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। अपने संबोधन में माननीय मुख्य न्यायाधीश ने न्यायपालिका एवं अधिवक्ताओं के बीच समन्वय को न्याय व्यवस्था की मजबूती का आधार बताते हुए विधिक सेवाओं को आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाने पर बल दिया।कार्यक्रम के क्रम में माननीय मुख्य न्यायाधीश द्वारा न्यायिक कर्मचारियों के लिए निर्मित नव-निर्मित “आवासीय भवन (Residential Block)” का विधिवत उद्घाटन किया गया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, जिससे वे अधिक दक्षता एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
इसके अतिरिक्त, माननीय मुख्य न्यायाधीश द्वारा जिला कारागार, पिथौरागढ़ में स्थापित विधिक सहायता क्लिनिक का उद्घाटन भी किया गया। उन्होंने कहा कि यह पहल बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं परामर्श उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उन्हें अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त होगी तथा न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी। यह क्लिनिक विधिक साक्षरता बढ़ाने और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने में सहायक सिद्ध होगा।इस अवसर पर जनपद के वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, अधिवक्ता गण एवं संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्य

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