कर्नाटक : गुरूजी अवधूत  स्वामी समर्पणानंद सरस्वती ने किये मूकांबिका मंदिर, कोल्लूर में दर्शन

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मैंगलोर / कोल्लूर/ कर्नाटक :  तीर्प्रथ नगरी ऋषिकेश के सिद्ध आध्यात्मिक गुरु, गुरूजी अवधूत श्री स्वामी समर्पणानंद सरस्वती ने 14 दिसंबर, 2025 को कोल्लूर के मूकांबिका मंदिर, एक श्री विद्या पीठम, का दर्शन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्व शांति और पर्यावरण संतुलन के लिए प्रार्थना की।गुरूजी ने मूकांबिका देवी को प्रार्थना की और विश्व शांति और पर्यावरण संतुलन के लिए आशीष मांगा। इस मंदिर को लगभग 800 ईसवी   में आदि गुरु शंकराचार्य ने पुनः स्थापित किया था, और यह आध्यात्मिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य का एक खजाना है।
मंदिर के अनुसार, यह वह स्थान है जहां मूकांबिका देवी ने आदि शंकराचार्य को स्वप्न में प्रकट होकर मूर्ति स्थापित करने का निर्देश दिया था। यह मंदिर भारत के सबसे महत्वपूर्ण शक्ति पीठों में से एक है, जो दूर-दूर से भक्तों को आकर्षित करता है।गुरूजी के दर्शन ने मंदिर के आध्यात्मिक वातावरण को और भी बढ़ा दिया है, जिससे भक्तों और आध्यात्मिक खोजकर्ताओं को प्रेरणा मिली है। उनकी प्रार्थना और आशीष से विश्व में शांति और समृद्धि की आशा है।मूकांबिका मंदिर उन लोगों के लिए एक आवश्यक यात्रा स्थल है जो आध्यात्मिक शांति और दिव्य से जुड़ना चाहते हैं। इसका शांत वातावरण, आश्चर्यजनक दृश्य, और समृद्ध इतिहास इसे एक अनोखा अनुभव बनाता है।
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