कर्नाटक : धर्म गुरु गुरूजी अवधूत परमहंस श्री स्वामी समर्पणानंद सरस्वती पहुंचे गोकर्ण महाबलेश्वर मंदिर की पूजा, लिया आशीर्वाद

ADVERTISEMENTS Ad
ख़बर शेयर करें -
  • गोकर्ण का छिपा हुआ रत्न: महाबलेश्वर मंदिर ध्यान आकर्षित करने की मांग करता है 
  • ऋषिकेश, तपोवन में है स्वामी जी का आश्रम, जल्द आश्रम पधारेंगे और भक्तों को देंगे दर्शन 
गोकर्ण/कर्णाटक : ऋषिकेश के पास तपोवन वासी  धर्म गुरु गुरूजी अवधूत परमहंस श्री स्वामी समर्पणानंद सरस्वती  गोकर्ण यात्रा पहुँच भगवान् शिव के अत्म्लिंग की पूजा की. साथ ही उन्हूने माँ भद्रकाली का आशीर्वाद भी प्राप्त किया.  गोकर्ण, कर्नाटक पहुँचने पर  प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु, गुरूजी अवधूत परमहंस श्री स्वामी समर्पणानंद सरस्वती ने महाबलेश्वर मंदिर में भगवान शिव के आत्मलिंग की पूजा की। इस अवसर पर उन्हें मां भद्रकाली से आशीष प्राप्त हुआ।गुरूजी की इस यात्रा ने गोकर्ण के पवित्र तटों को आभासित कर दिया, और उनकी दिव्य उपस्थिति ने भक्तों और पर्यटकों को आकर्षित किया। गुरूजी ने भगवान शिव के आत्मलिंग का अभिषेक किया, जो इस ग्रह पर एकमात्र है, और मां भद्रकाली से आशीष प्राप्त किया।गुरूजी की इस यात्रा के दौरान, उन्होंने मंदिर की रहस्यमयी ऊर्जा और शांत परिवेश को अपनाया, और भक्तों को आशीष दिया। गुरूजी की इस यात्रा ने गोकर्ण के महाबलेश्वर मंदिर को और भी पवित्र और आकर्षक बना दिया है।
इस दौरा यात्रा में उन्हूने  –
– भगवान महादेव के आत्मलिंग का अभिषेक किया, जो इस ग्रह पर एकमात्र है
– मां भद्रकाली से आशीष प्राप्त किया
– मंदिर की रहस्यमयी ऊर्जा और शांत परिवेश को अपनाया
– भक्तों को आशीष दिया और उन्हें आध्यात्मिक मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया.
गुरु जी जानकारी देते हुए बताया,  यात्रा के बाद जल्द ही गुरु जी तपोवन स्थित आश्रम में पधारेंगे. भक्तों को दर्शन देंगे.

Related Articles

हिन्दी English