गजब हाल है….”कचौरी” खाने का मन किया तो इतनी लम्बी रेल रोक दी लोको पायलट ने….5 कर्मचारी निलंबित

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राजस्थान : मामला अलवर का है. कचौरी का इतना शौकीन है लोको पायलट कि इतनी लम्बी रेल रोक देता है और कचौरी खा कर फिर ट्रेन को आगे ले जाता है. नियम कानून दरकिनार कर. ये एक दिन नहीं बल्कि रोज होता है. जीभ के स्वाद पर नियम कानून हल्के पड़ गए. लोगों ने परेशान हो कर फाटक पर लोको पायलट का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया और फिर मचा हड़कंप.

दरअसल, भिवानी-अलवर – मथुरा पैसेंजर ट्रेन का लोको पायलट नाश्ते के लिए प्रतिदिन इंजन को अलवर के दाउदपुर फाटक पर रोकता था। इस दौरान फाटक के दोनों तरफ जाम लगता और लोग परेशान होते थे। लोको पायलट की इस मनमानी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जबकि नियम कुछ और ही कहता है.

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रेलवे के नियमों के अनुसार किसी भी ट्रेन को स्टेशन अधीक्षक, स्टेशन मास्टर, लोको पायलट या रेलवे का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी एक मिनट भी अपनी मर्जी से नहीं रोक सकता है। ट्रेन के अराइवल व डिपार्चर की सूचना तुरंत रेलवे कंट्रोल को देनी पड़ती है। अगर कोई इमरजेंसी हादसा होता है या किसी कारणवश ट्रेन रुकती तो उसकी जानकारी भी रेलवे कंट्रोल को देनी होती है और उनकी मर्जी के अनुसार ही ट्रेन को रोका जाता है।इसके साथ ही रेलवे फाटक बंद करने व खोलने की जिम्मेदारी स्टेशन मास्टर की होती है। ट्रेन के संचालन में समय का खास ध्यान रखा जाता है।

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बिना कारण व बिना किसी की अनुमति के ट्रेन के रुकने पर कर्मचारी व अधिकारियों की नौकरी तक चली जाती है। वहीँ वीडियो वायरल होने के बाद, लापरवाही बरतने वाले स्टेशन अधीक्षक रंग लाल मीणा, गेटमैन रामचंद्र यादव व वीरेंद्र मीणा, ट्रेन के लोको पायलेट किशन लाल बैरवा और लोको असिस्टेंट राजेन्द्र बैरवा को सस्पेंड कर दिया गया है। मामला गंभीर होने के कारण जांच टीम गठित की गई जिसमें पांच कर्मचारी दोषी पाए गए और उंन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।

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