ऋषिकेश में जैसे ही पानी की सप्प्लाई खोलने लगा…नाग की फुंकार से दहशत में आ गया जल कर्मी

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ऋषिकेश : ग्राम सभा खदरी खड़क माफ में विश्व बैंक पोषित अर्धनगरीय पेयजल योजना के जोन नम्बर 2 स्थित पम्प हाऊस में मंगलवार की सुबह जब जलकर्मी दीपू कुमार ने पानी की सप्लाई के लिए गेट वाल्व खोलने को जैसे ही आगे हाथ बढ़ाया तो वॉल्व पर पहले से ही लिपटे नाग ने फुंकार मार कर चेतावनी दी।फुंकार के साथ ही जलकर्मी के होश उड़ गए।पम्प हाऊस में साँप होने की सूचना वन्यजीव प्रेमी पर्यावरण विद डॉ विनोद जुगलान को दी गयी।
सूचना पाते ही वन्यजीव प्रेमी विनोद जुगलान ने साँप को पकड़ने का प्रयास किया तो साँप ने एक बार फिर से झपट्टा मारकर हमला करने की कोशिश की।जिसे सर्प मित्र विनोद जुगलान ने समय रहते हमले को नाकाम कर सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।जुगलान ने बताया कि यह कॉमन कोबरा प्रजाति का विषैला साँप है।जिसकी लम्बाई ढाई फुट के लगभग थी।वन्यजीव विशेषज्ञ जुगलान ने बताया कि तीन सौ वर्ष पहले का इतिहास उठाकर देखें तो श्यामपुर में अत्यधिक साँप होने के कारण इसका नाम साँप पुर था जो बाद में परिवर्तित कर श्यामपुर होगया।यहाँ पाये जाने वाले साँपों में इस वर्ष दुर्लभ प्रजाति के सांप भी पाए गए हैं जो अक्सर उत्तराखंड में हीं पाए जाते हैं।इसका मुख्य कारण जलवायु परिवर्तन है।हमें सावधान रहना होगा।गौरतलब है कि बीते वर्ष खदरी में सर्प दंश झेल चुकी एक महिला एक वर्ष बाद भी अचेतन अवस्था में है। इस विषैले कोबरा को रेस्क्यू कर जंगल में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।मौके पर जल योजना के जेई विशाल कुमार,जलकर्मी सन्दीप कुमार,दीपू कुमार,गौतम कुमार,युवराज आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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