फायर सीजन के मद्देनजर सभी अधिकारी अलर्ट मोड में रहें -DM टिहरी

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टिहरी :  गुरूवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक आहूत की गई। जिलाधिकारी ने जनपद क्षेत्रान्तर्गत वनाग्नि सुरक्षा को लेकर वन विभाग के प्रत्येक डिविजन द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी लेते हुए सभी सम्बन्धित अधिकारियों से आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। सभी संबंधित अधिकारियों को फायर सीजन के चलते अलर्ट मोड में रहने तथा आपसी समन्वय से वनाग्नि सुरक्षा हेतु कार्य योजना बनाने को कहा गया। वनाग्नि की घटनाओं को रोकने हेतु नुक्कड़ नाटकों, युवक/महिला मंगल दलों एवं सामुदायिक सहभागिता से लोगों को जागरूक करने तथा अप्राकृतिक रूप से वनाग्नि की घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ मुकदमें दर्ज करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं में पहली प्राथकमिता जीवन बचाने की हो।

जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को फायर सीजन से पूर्व वनाग्नि की दृष्टि से संवदेनशील गांवों में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कराने, फायर सीजन के दौरान किसी भी कार्यक्रम में वन विभाग के वाहनों को न लगाने तथा जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिये। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को रणनीति बनाकर टीमें तैनात करने, अग्नि शमन उपकरण एवं वाहनों को पर्याप्त मात्रा में रखने, लक्ष्य निर्धारित कर पिरूल संग्रह करवाने, सड़क किनारे पिरूल की सफाई करने एवं घरों के आस-पास झाड़ी कटान करवाने को कहा गया। अधिकारियों द्वारा वनाग्नि सुरक्षा को लेकर अपने-अपने सुझाव दिये गये।

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नोडल अधिकारी/डीएफओ टिहरी पुनीत तोमर ने बताया कि जनपद क्षेत्रान्तर्गत टिहरी वन प्रभाग में 52 क्रू-स्टेशन, नरेन्द्रनगर वन प्रभाग 69, मसूरी वन प्रभाग 22, टिहरी डैम वन प्रभाग-प्रथम 23, टिहरी डैम वन प्र्रभाग-द्वितीय 08 तथा भूमि संरक्षण वन प्रभाग उत्तरकाशी में 05 कू-स्टेशन बनाये गये हैं। सभी डिवीजन में मॉकड्रिल करा ली गई हैं तथा जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। सभी क्रू स्टेशनों मंे दो-दो फायर वॉचर तैनात कर दिये गये हैं तथा सभी का बीमा किया जा चुका है। फॉरेस्ट फायर एप पर कार्मिकों सहित क्षेत्रीय लोगों को जोड़ा गया है, ताकि वनाग्नि की घटनाओं को तुरन्त शेयर किया जा सके। मास्टर कन्ट्रोल रूम क्रू स्टेशन डाइजर नई टिहरी में बनाया गया। उन्होंने बताया कि पिरूल उठान हेतु संग्रह सेंटर घनसाली, रानीचौरी और पोखाल में बनाये गये हैं। उन्होंने बताया कि वनाग्नि सुरक्षा समितियों हेतु माइक्रो प्लाना बनाया गया है, जिन्हें जल स्रोतांे की साफ-सफाई, वनाग्नि जन-जागरूकता कार्यक्रम आदि के तहत कैटेगरी वाइज प्रोत्साहन धनराशि दी जायेगी।

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बैठक में डीएफओ टिहरी डैम वन प्रभाग-प्रथम संदीपा शर्मा, एसडीएम संदीप कुमार, डीडीओ मो. असलम, जिला क्षय रोग अधिकारी जितेन्द्र भण्डारी, अधिशासी अभियन्ता जल निगम सतेन्द्र पाल, एसडीओ जन्मेजय रमोला, डीडीएमओ बृजेश भट्ट सहित पुलिस एवं अग्निशमन के अधिकारी भौतिक रूप से तथा डीएफओ मुनिकीरेती जीवन दगाडे, डीएफओ मसूरी अमित कंवर, एसडीएम नरेन्द्रनगर देवेन्द्र नेगी, एसडीएम धनोल्टी मंजू राजपूत, ईई जल संस्थान प्रशान्त भारद्वाज आदि अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक मंे उपस्थिति रहे।

जिला सूचना अधिकारी
टिहरी गढ़वाल

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