दिल्ली : सदन में भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व सासंद राज्य सभा डा.नरेश बंसल ने उठाया उत्तराखंड के पहाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन, दुर्घटनाओं व क्रेश बैरियर का मुद्दा

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नई दिल्ली : केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अपने जवाब में  आश्वासन दिया कि दस साल की जिम्मेदारी निर्माण व डिजाइन ऐजेंसी व कांट्रैक्टर की होगी, साथ ही विदेश टेक्नोलॉजीज का उपयोग कर हिमालय की संरचना को ध्यान में रख कर इसका पूर्ण उपचार किया जाएगा.

भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व राज्यसभा सासंद डा.नरेश बंसल ने सदन में राष्ट्रीय राजमार्गो विषेश रुप से उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र मे होने वाली रेल दुर्घटनाओं व उससे होने वाली जान माल की हानी का मुद्दा उठाया।डा.नरेश बंसल उत्तराखंड से संबंधित जनहित के विषय अलग अलग माध्यम से सदन में  उठाते रहते है. इसी क्रम में  उन्होंने तारांकित पश्न में  यह गंभीर विषय उठाया।बंसल ने सदन में  सड़क एवं परिवहन मंत्री से अपने प्रश्न में आंकडा मांगा कि मानवीय चूक एवं प्रकृतिक आपदा से उत्तराखंड समेत देशभर में  कितनी मौत हुई व कितने लोग घायल हुए व उत्तराखंड समेत देश में  राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऐसे ब्लेक प्वाइंट चिनहित किए गए हैं जो दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील हैं. सड़क दुर्घटनाओं को रोकने को सरकार क्या कर रही है।सासंद बंसल ने सप्लीमेंट्री प्रश्न में पूछा की सरकार वाहनों को अंतर्राष्ट्रीय मानक का बनाने व मजबूती प्रदान करने को क्या कदम उठा रही है ?

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डा.नरेश बंसल ने पुछा कि उत्तराखंड के राष्ट्रीय राजमार्ग पर जो मलबा आने के ब्लैक प्वाइंट चिनहित है. उनके उपचार के लिए क्या किया जा रहा है ? क्रेश बैरियर कितने राजमार्ग पर पूरे लग चुके है व कितनी जगह नही लगे व कब तक लग जाएगे? इन प्रश्नों के जवाब में  सड़क एवं परिवहन मंत्री  नितिन गडकरी  ने पिछले तीन वर्षो की दुर्घटनाओं  का बयोरा दिया व अपने जवाब में  बताया कि उत्तराखंड समेत देश भर के राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले नागरिकों की सुरक्षा को सरकार प्रतिबद्ध है व समय समय पर इस पर नागरिकों  को सड़क सुरक्षा सप्ताह के माध्यम से जागरूक करने का काम होता है. अब मंत्रालय ने शिक्षा,इंजिनियरिंग,प्रवर्तन और आपातकालीन देखभाल पर आधारित सड़क सुरक्षा नीती तैयार कि है. देशभर मे 5803 व 49 उत्तराखंड में चिन्हित हैं. जिन में से 42 पर कार्य हो गया है व कुछ पर बाकी है ।

मंत्री  ने अपने जवाब में  कहा कि केंद्र-राज्य सरकार भी उत्तराखंड में भारी वर्षा व प्रकृतिक आपदा से राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं व नुकसान से चिन्तित है व इस और गंभीर होकर विचार कर रही है. सरकार ने इस पर तय किया है कि अंतरराष्ट्रीय मानक व टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके व्यापक रूप से इस समस्या से निपटने की तैयारी है. सरकार अब निर्माण कम्पनी की दस साल की जिम्मेदारी इस और निश्चित करने पर विचार कर रही है. जो जल्द ही की जाएगी।जो डिजाइन देंगे  वो भी अंतरराष्ट्रीय मानक पर होगा व उनकी भी दस साल की जिम्मेदारी तय होगी।

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मंत्री नितिन गडकरी  ने बताया कि उत्तराखंड को  अभी तक 726 करोड का फंड लैंडसलाइड जोन मेंटेनेंस के लिए जारी किया है।चीन बॉर्डर तक रोड निर्माण व विश्व स्तर की टेक्नोलॉजीज का उपयोग कर भूस्खलन व पहाड़ से मलबा आने को रोकना व क्रेश बैरियर का शीघ्र निर्माण सभी राष्ट्रीय राजमार्ग पर होगा. विशेष रुप से चमोली व रुद्रप्रयाग जिला की चिंता की जा रही है. । केंद्रीय मंत्री  नितिन गडकरी ने विश्वास दिलाया कि जल्द ही देश-विदेश की  बेहतरीन  टेक्नोलॉजीज का प्रयोग कर इससे निपटा जाएगा व इसे रोका जाएगा।सौजन्य :संसद टीवी 

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