टिहरी गढ़वाल के धार्मिक, साहसिक, योग साधना एवं पर्यटन की दृष्टि से प्रसिद्ध स्थलों में आवश्यक सुविधाओं मुहैया कराने हेतु बनेगा विस्तृत प्लान-DM

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  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शीतकाल में पर्यटक गतिविधियों को बढ़ावा देने एवं शीतकालीन यात्रा शुरू करने के निर्देश दिए गए है

टिहरी : जनपद टिहरी गढ़वाल क्षेत्रान्तर्गत कई धार्मिक एवं पर्यटन स्थल हैं, जहां शीतकालीन यात्रा के शुरू होने से पर्यटक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था में सुधार की प्रबल सम्भावना है।जनपद क्षेत्रान्तर्गत धार्मिक दृष्टि से सिद्धपीठ माँ सुरकण्डा देवी मंदिर (कद्दूखाल समीप धनोल्टी), माँ चन्द्रबदनी मंदिर (हिण्डोलाखाल देवप्रयाग), माँ कुंजापुरी देवी मंदिर (नरेन्द्रनगर), सेम नागराजा मंदिर (प्रतापनगर) के साथ ही कांगुड़ा नागराजा मंदिर (थौलधार), केलापीर बूढ़ाकेदार मंदिर (घनसाली), घंटाकर्ण मंदिर (गजा क्वीली पालकोट), घंटाकर्ण मंदिर (लोस्तू बडियारगढ़ कीर्तिनगर), श्री रघुनाथ मंदिर/संगम स्थली पवित्र भगीरथी एवं अलकनन्दा नदी (देवप्रयाग), श्री गुरू माणिनाथ मंदिर (मगरौंकोटी कीर्तिनगर), सूर्य मंदिर (पलेठी देवप्रयाग) आदि कई प्रसिद्ध स्थल हैं।

इसके साथ ही योग साधना, साहसिक एवं पर्यटन की दृष्टि से ब्रहमपुरी, शिवपुरी, कौड़ियाला, टिहरी बांध, धनोल्टी, कैम्पटी फॉल, खतलिंग ग्लेशियर (भिलंगना), पंवाली काण्ठा (घुत्तू से लगभग 15 किमी. की दूरी), सहस्त्रताल (भिलंगना), मासर ताल (बूढाकेदार से लगभग 15 किमी. की दूरी) आदि क्षेत्र प्रसिद्ध हैं।मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकरी टिहरी गढ़वाल मयूर दीक्षित ने उपरोक्त धार्मिक स्थलांे एवं पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार तथा आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने हेतु पर्यटन, स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस हेतु 15 दिनों में एक विस्तृत प्लान बनाया जायेगा।

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