अपने जन्मदिस पर युवती ने युवक को मारी गोली,गिरफ़्तारी के बाद कई चौकाने वाले खुलाशे हुए

- मामला गोरखपुर जिले का है, युवती ने जन्मदिन पर एक युवक को गोली मारने वाली लड़की ब्लैकमेलर निकली
गोरखपुर : ऐसी भी लड़की होती है. जो न घर की है न घाट की. लेकिन समाज में अपराध के नाम पर आतंक मचा के रखती हैं. ऐसे ही एक लड़की को पुलिस ने गिरफ्तर किया है. जो ब्लैकमेलर निकली. कई पुलिस कर्मी भी उसके चंगुल में फंसे होने की जानकारी मिल रही है. सूत्रों के अनुसार, पुलिस को उसके मोबाइल में अश्लील वीडियो मिले हैं। जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, तो उसने चौंकाने वाले खुलासे किए।उसने कहा, “मैं अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए लोगों को फंसाती थी, फिर न्यूड होकर वीडियो कॉल करती थी। मैं उन्हें रिकॉर्ड कर लेती थी। उसके बाद, मैं उनसे पैसे वसूलती थी।” पुलिस के अनुसार, ब्लैकमेलर अंशिका ने 5 सालों में वीडियो कॉल के जरिए 150 लोगों से संपर्क किया। इनमें अयोध्या के एक DSP और GIDA थाने के इंचार्ज सहित 12 से ज़्यादा पुलिसकर्मी शामिल हैं।
फिलहाल, पुलिस ने ब्लैकमेलर अंशिका को जेल भेज दिया है। 20 जनवरी को वह मॉडल शॉप के पास दोस्तों के साथ अपना जन्मदिन मना रही थी, तभी उसका एक प्राइवेट अस्पताल के मैनेजर से झगड़ा हो गया। अंशिका ने उस पर पिस्टल तान दी। उनके बीच हाथापाई के दौरान गोली मैनेजर के दोस्त के पेट में लग गई।भीड़ ने अंशिका और उसके साथियों को पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है। मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल्स और ट्रांजैक्शन से जुड़े सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उसके साथी बंटी वर्मा समेत 5 आरोपियों की तलाश जारी है।अंशिका मूल रूप से हरपुरबुधट की रहने वाली है। वह सिंहड़िया में किराए के कमरे में रहती थी। महंगी लाइफस्टाइल और दोस्तों के साथ घूमने-फिरने की वजह से उसके परिवार ने उससे दूरी बना ली थी। इसी बीच, खोराबार थाना क्षेत्र के जमुना टोला निवासी विशाल मिश्रा ने अंशिका के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।विशाल ने बताया – वह द्विवेदी चाइल्ड केयर हॉस्पिटल में मैनेजर है। कुछ समय पहले अंशिका सिंह और बंटी वर्मा उसके अस्पताल आए थे। बातचीत के दौरान दोनों ने उसका मोबाइल नंबर ले लिया। कुछ दिनों बाद अंशिका फिर से बंटी के साथ अस्पताल आई और उसे बाहर बुलाया। उसने पिस्टल दिखाकर 12 हजार रुपये मांगे।
उसने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो वह उसे झूठे रेप केस में फंसा देगी। डर के मारे मैंने पैसे दे दिए। 20 जनवरी को अंशिका करजहाँ इलाके में थी। उसने फोन करके मुझसे 50 हजार रुपये मांगे और धमकी दी कि अगर मैं तय जगह पर पैसे लेकर नहीं पहुँचा तो वह मुझे और मेरे परिवार को मरवा देगी। मैंने किसी तरह 20 हज़ार रुपये का इंतज़ाम किया। शाम करीब 5 बजे, वह अपने दो साथियों के साथ सिंहड़िया मोड़ पर मॉडल शॉप के पास पहुंचा। उस समय, अंशिका वहां अपना जन्मदिन मना रही थी। जब विशाल उससे बात करने गया, तो उनके बीच बहस हो गई। अंशिका ने पिस्तौल निकाल ली।हाथापाई के दौरान, गोली चल गई और मेरे साथी अमिताभ निषाद के पेट में लग गई। अमिताभ को पहले पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका वहीं इलाज चल रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने अंशिका और उसके साथियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस जांच में पता चला है कि 5 जनवरी को अंशिका ने गिड़ा थाने के एक सब-इंस्पेक्टर से मैसेंजर ऐप पर बात की थी। इसके बाद उसने उनका मोबाइल नंबर लेकर वीडियो कॉल करना शुरू कर दिया। कॉल के दौरान उसने उनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।फिर वह उसी के आधार पर ब्लैकमेल करके पैसे वसूलने लगी। पुलिस के मुताबिक, उसने गोरखपुर के 12 से ज़्यादा पुलिसकर्मियों को इसी तरह फंसाया था। अंशिका के मोबाइल से पुलिसकर्मियों के साथ कई फोटो और वीडियो भी मिले हैं। कुछ वीडियो आपत्तिजनक हैं।
पुलिस के मुताबिक, अंशिका ने संत कबीर नगर के खलीलाबाद के रहने वाले सूरज सिंह को भी इसी तरह फंसाया था। जब उसने पैसे नहीं दिए, तो उसने उसके खिलाफ POCSO एक्ट का केस दर्ज करा दिया। खलीलाबाद के प्रियांशु सिंह से भी झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 50 हज़ार रुपये वसूले गए थे। प्रियांशु ने इसकी शिकायत सीएम पोर्टल पर भी की थी।एसपी सिटी अभिनव त्यागी के मुताबिक, 2021 में अंशिका संत कबीर नगर के कोतवाली इलाके में किराए पर रहती थी। मकान मालकिन गुड़िया पीटर ने एसपी से शिकायत की थी कि अंशिका कमरे में लड़कों को बुलाती है, जिससे मोहल्ले में बदनामी हो रही है।जब उसे कमरा खाली करने को कहा गया, तो उसने 2 लाख रुपये की मांग की और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
डर के मारे मकान मालकिन ने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए। कुछ दिनों बाद अंशिका ने कमरा खाली कर दिया। कैंट सीओ योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 12 अक्टूबर, 2025 को अंशिका और उसके 6 साथियों के खिलाफ THAR चोरी और नकली नंबर प्लेट इस्तेमाल करने का मामला दर्ज किया गया था। जांच में पता चला कि सितंबर 2025 में अंशिका अपने दोस्तों के साथ दिल्ली गई थी, जहां से उन्होंने एक THAR किराए पर ली और उसे वापस नहीं किया।
पकड़े जाने से बचने के लिए, वे नकली नंबर प्लेट लगाकर शहर में घूमते रहे। 13 अक्टूबर को पुलिस ने दो आरोपियों प्रिया प्रवास दुबे उर्फ विक्की और आकाश वर्मा उर्फ बंटी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जैसे ही यह खबर आई, अंशिका अंडरग्राउंड हो गई। पुलिस को कार से 4 नकली नंबर प्लेट मिलीं – दो हरियाणा की, एक बिहार की और एक गोरखपुर की।अंशिका को सोशल मीडिया पर रील्स बनाने का शौक है। उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 700 से ज़्यादा वीडियो हैं। उसने संत कबीर नगर पुलिस स्टेशन के सामने एक पुलिस जीप के पास भी एक रील बनाई थी, जिसमें एक आपत्तिजनक गाना था। मामले में और भी खुलाशा होने की संभावना जताई जा रही है पुलिस के द्वारा. फिलहाल मामले की जांच कर रही है पुलिस.



