UPSC की तैयारी कर रहे छात्र ने सगे भाई को उतारा मौत के घाट,पुलिस ने किया गिरफ्तार

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  • प्रेमिका की शौक पूरा करने के लिए परिवार से नहीं मिल रहा था पैसा
  • पिता और भाई से यूपीएससी तैयारी के नाम पर ले रहा था पैसा
  • चाकू खरीद कर कर्नलगंज में धार लगवा कर की थी हत्या
गोंडा :  (आर के सिंह) कहते है इश्क जब परवान चढ़ा तो परिवार वालों की भी खैर नहीं। कहते हैं कि प्यार अंधा होता है और कुछ प्यार करने वाले प्यार को बदनाम करने के लिए सबकुछ जायज भी मान लेते है। एक ऐसा ही वाक्य ऐसा गोंडा में सामने आया जहां यूपीएससी के छात्र ने मुफलिसी में प्रेमिका परेशान होकर अपने ही सगे भाई की पैसे को लेकर के हत्या कर दी है। जी हां गोंडा जिले में करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नारायणपुर माझा ग्राम पंचायत के दुल्हिन पुरवा गांव में हुए 32 वर्षीय शिव शंकर उर्फ लल्ला दुबे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए यूपीएससी छात्र सगे छोटे भाई अमरनाथ दुबे को गिरफ्तार करके इस पूरे हत्याकांड का खुलासा किया है। आरोपी सगे छोटे भाई अमरनाथ दुबे ने एक योजना बना करके इस पूरे हत्याकांड को अंजाम दिया था और अज्ञात लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए परिवार को जानकारी दी थी।
पुलिस के मुताबिक़,  इस पूरे हत्याकांड का मुख्य उद्देश्य निकालकर यह सामने आया है कि यह दिल्ली में रहकर के यूपीएससी की पढ़ाई कर रहा था जब वहां पर सफलता हाथ नहीं लगी। तो लखनऊ में आकर के यूपीएससी की तैयारी करने लगा और वहां पर एक लड़की से इसका प्रेम हो गया। जो भी पैसा घर से मिलता था वह लड़की पर ही खर्च कर रहा था और कोई सफलता इसको हाथ ना लगता देख परिवार के लोगों ने पैसा देने से मना कर दिया था। घर आकर के काम करने की बात कही जा रही थी घर के कामकाज और पूरे पैसे का लेखा-जोखा आरोपी अमरनाथ दुबे के बड़े भाई शिव शंकर दुबे के पास ही था। जब भी पैसे की आवश्यकता अमरनाथ दुबे को पड़ती थी शिव शंकर दुबे द्वारा ही दी जाती थी। जब शिव शंकर दुबे ने पैसा देने से मना किया तो आरोपी को लगा कि वह पैसा नहीं देना चाह रहा है और जानबूझकर उसके करियर को खराब कर रहा है। इसी बात को लेकर के उसने यह की योजना बनाई कि माता-पिता 2 जनवरी को एक माह के कल्पवास के लिए प्रयागराज गए हैं। वह 3 तारीख को वापस आ जाएंगे उससे पहले ही हम इस हत्याकांड को अंजाम देते है। इसी योजना के तहत 27 जनवरी को कस्बा करनैलगंज से साइकिल बेचने वाले व्यक्ति से 60 में चाकू को खरीदा 4 दिन बाद 31 जनवरी को पड़ोस की भाभी को बैंक ले जाने के दौरान कर्नलगंज कश्मीर में गया और एक दुकान से ₹20 देकर के उसे चाकू की धार लगवाई।  इसके बाद तीन दिन बाद 3 फरवरी को रात्रि 11:00 बजे खेत में पानी लगाने का बहाना बनाया और अपने भाई को घर से कुछ ही दूरी पर ले गया। वहां अपने भाई के आंख में पहले अपने जेब में रखें मिर्ची के पाउडर को डाला जब उसे कुछ दिखाई नहीं दिया। तो अपने जेब में रखें चाकू से ताबड़तोड़ 17 बार वार करके उसकी निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद खुद भी चाकू से वार करके घायल हो गया था और मृतक के जेब में रखे 31500 निकाल करके खेत की मेड में मिट्टी से दबाकर के घर वालों को बताया था। कि अज्ञात लोगों ने हत्या की है और गांव के ही पांच लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया गया था पुलिस ने गिरफ्तार करके आरोपी को जेल भेज दिया है खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25000 का इनाम भी दिया है।
पूछताछ में यह बताया –
हत्यारे सगे भाई अमर नाथ दुबे ने पूछताछ में बताया कि उसने इंटरमीडिएट व स्नातक की शिक्षा इलाहाबाद में रहकर पूर्ण की थी। वर्ष 2023 से 2025 तक वह दिल्ली में रहकर बाजीराम व रवि कोचिंग से यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। इसके बाद अगस्त 2025 से लखनऊ में रहकर तैयारी कर रहा था। पढ़ाई के दौरान उसे परिवार से अपेक्षित आर्थिक सहयोग नहीं मिल पा रहा था जिससे वह लगातार तनाव में रहने लगा था। परिवार की आय-व्यय का पूरा नियंत्रण उसके बड़े भाई मृतक शिवशंकर दुबे के पास था। आरोपी के मन में यह धारणा बन गई थी कि उसका भाई जानबूझकर उसे पैसे नहीं दे रहा है और उसके भविष्य व कैरियर को खराब कर रहा है। इसी बात को लेकर वह अंदर ही अंदर अपने भाई के प्रति द्वेष रखने लगा जब उसे जानकारी हुई कि उसके माता-पिता दिनांक 2 जनवरी को एक माह के लिए कल्पवास के लिए प्रयागराज जा रहे हैं। तब उसने मौका देखकर 1 जनवरी को लखनऊ से घर आने का निर्णय लिया घर आने के बाद उससे खेती-बाड़ी व पशुओं की देखभाल का कार्य कराया जाने लगा। आरोपी के अनुसार इससे उसकी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही थी और उसे अपना भविष्य अंधकारमय लगने लगा था। उसे पैसों की सख्त आवश्यकता थी तथा उसे यह भी मालूम था कि उसके भाई के पास अक्सर नकदी रहती है। तभी उसने भाई की हत्या कर रुपये लेने की योजना बना ली। आरोपी ने यह भी बताया कि योजना के तहत उसने दिनांक 27 जनवरी को कस्बा कर्नलगंज बस स्टॉप के पास कटरा रोड पर साइकिल से चाकू बेचने वाले व्यक्ति से 60 रुपये में चाकू खरीदा। इसके बाद वह उचित अवसर की तलाश में रहा और 31 जनवरी को पड़ोस की भाभी को बैंक ले जाने के दौरान उसने कर्नलगंज कस्बे में रामतेज बिल्डिंग की दुकान पर 20 रुपये देकर उसी चाकू की धार तेज करायी।
घटना की 3 फरवरी रात जब उसे लगा कि उसके भाई के पास अधिक पैसे हैं तो रात्रि लगभग 11 बजे उसने खेत में पानी लगाने का बहाना बनाया और अपने भाई को साथ लेकर घर से निकला। आरोपी चाकू को अपनी जैकेट के अंदर छिपाकर ले गया था रास्ते में सुनसान स्थान पर पहुंचते ही उसने अचानक अपने भाई पर चाकू से कई वार कर दिए। मृतक ने बचने का प्रयास किया और दोनों के बीच हाथापाई हुई, जिससे आरोपी के दोनों हाथों में भी चोटें आईं। लगातार हमले के कारण मृतक की मौके पर ही मृत्यु हो गई हत्या करने के बाद आरोपी ने मृतक की जेब से रुपये निकाले और घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक खेत की मेड़ में मिट्टी से दबाकर छिपा दिए। इसके बाद खून लगा चाकू गेहूं के खेत में फेंक दिया स्वयं को बचाने व शक से दूर रखने के लिए वह गांव की ओर भागते हुए शोर मचाने लगा कि उसके भाई को किसी ने मार दिया है। आरोपी की निशानदेही पर भुलावन यादव के खेत की मेड़ के पास से छिपाए गए कुल 31,500 के नोट बरामद किए गए है जिनमें से कुछ नोटों पर खून के धब्बे पाए गए।
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