यूपी : जानिए कहाँ शौचालय के बगल लगा दिया सेनानी शिला फलक…हो रहा आजादी के दीवाने का अपमान !
शिला फलक को पंचायत भवन में स्थापित कर सम्मान दिलाए जाने की उठी माँग

सुल्तानपुर : (दीपांकुश चित्रांश) खबर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले है जहाँ जीतेन्द्र श्रीवास्तव दुबेपुर ब्लॉक के पलहीपुर गांव का निवासी व सेनानी उत्तराधिकारी है। प्रार्थी के पिता स्व केदार नाथ श्रीवास्तव स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हैं। उन्होने आर्य सत्याग्रह 1938-39 मे प्रतिभाग किया और औरंगाबाद जेल मे सजा काटी है।

उनका नाम ब्लॉक मुख्यालय के शिला पट पर अंकित है,आजादी के अमृत महोत्सव अंतर्गत मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार के निर्देश पर देश के प्रत्येक गाँव मे सेनानी फलक लगाया जाना था,शासन के निर्देश पर ये शिला फलक पंचायत भवन मे लगाए जाने थे। जिन गावों मे पंचायत भवन नहीं है वहां ये शिला फलक सार्वजनिक स्थलों अथवा स्कूलों मे लगाए जाने थे। यह स्पष्ट निर्देश है कि सेनानी शिला फलक 15 अगस्त 23 तक ऐसे स्थानों पर लगाए जाएँ जिन्हे सब देख सके और सेनानियों शहीदों की वीर गाथा से प्रेरणा ले सकें।
आपको बता दें पलहीपुर गाँव मे वर्षो से पंचायत भवन स्थापित है लेकिन ब्लॉक कर्मियों द्वारा सेनानी फलक वहां नहीं लगाया गया है,इसी गाँव मे प्राइमरी स्कूल व जूनियर स्कूल एक ही परिसर मे है परन्तु वहां भी सेनानी फलक नहीं लगाया गया। यह शिला फलक मुख्य गाँव व पंचायत भवन से दूर महेदवा गाँव के एकल प्राइमरी स्कूल परिसर मे चाहरदीवारी के भीतर सितम्बर माह के पहले सप्ताह मे लगाकर 9 अगस्त 23 की तिथि लिख दी गई है,कोई समारोह भी नहीं किया गया न माल्यार्पण आदि ही हुआ। यह शिला फलक शौचालय व भोजनालय के बगल लगा है। ऐसी जगह पर शिला फलक लगाने से आम जनों को दिखाई भी नहीं पड़ता है। उस तरह शिला फलक लगने से सेनानी का अपमान और शासनादेश का खुला उल्लंघन हो रहा है।

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