UK : मौसम का कहर…महात्मा की साधना पर! फिर जल पुलिस बनी देवदूत, जानें
सूचना आयी महिला बह रही है बैग और छाता को पकडे, लेकिन निकला कुछ और...

- मामला ऋषिकेश का है. पुलिस चौकी त्रिवेणी घाट कोतवाली जनपद देहरादून का है
- सूचना मिली थी महिला बह रही है गंगा नदी में, लेकिन निकला साधू का बैग, छाता संग बह रहा था
- महात्मा साधनारत था, अचानक बारिश आने से बैग और छाता गंगा नदी में बह गया था
- जल पुलिस थी तत्पर, तुरंत राफ्ट निकाल कर गंगा पार कर ले आई बैग,महात्मा को किया सुपुर्द
- घाट पर जल पुलिस चौकी में जल पुलिस और आपदा राहत दल के जवान रहते हैं तैनात, रेस्क्यू के लिए
ऋषिकेश : आजकल बिन मौसम बारिश हो रही है…लगातार कल शाम से बारिश होने की वजह से गर्मी का मौसम अब चौमास (चतुर्मांस) की तरह लग रहा है. लोग स्वेटर,टोपी पहने घूम रहे हैं. बारिश जारी है…. ऐसे में इस मौसम ने एक महात्मा नाव घाट पर गंगा किनारे कर रहे साधना पर भी खलल डाल दिया. फिर देवदूत बन जल पुलिस उसकी मदद को आगे आयी. जानें कैसे….!!
मामला, बुधवार को समय लगभग 1:00 बजे घाट पर जल पुलिस टीम को सूचना मिली कि कोई महिला गंगा जी में बह गई है जो एक छाते वह बैग के सहारे गंगा जी में बहकर जा रही है सूचना पर हम जल पुलिस व आपदा राहत दल के कर्मचारीगण राफ्ट के सहारे व अन्य जरूरी उपकरणों के साथ गंगा जी के पार गए… तो देखा कि एक पिट्ठू बैग लाल रंग जिसमें एक खुला हुआ छाता बंधा हुआ है. गंगा जी के पल्ली पार राजा जी नेशनल पार्क में टापू पर एक पद बड़े पत्थर के सहारे अटका हुआ है.

पुलिस के मुताबिक़, लेकिन पुलिस कर्मचारी गणों को कोई महिला आसपास या पानी में दिखाई नहीं दी. जानकारी करने पर पता चला कि एक महात्मा महंत सत्यानन्द दौड़ते-दौड़ते त्रिवेणी घाट चौकी की तरफ आ रहा है. वह बताया गया कि मैं नाव घाट के पास पूजा अर्चना कर रहा था. बरसात होने के कारण मैंने अपना छाता खोलकर बैग के ऊपर रख दिया. वह छाते को बैग से रस्सी से बांध दिया था। अचानक से काफी तेज हवा चली. जिससे मेरा बैग उड़कर गंगा जी में बह गया।हम जल पुलिस कर्मचारी गणों द्वारा महात्मा का बैग व छाता सकुशल महात्मा की सुपुर्द किया गया। महात्मा द्वारा बताया गया कि इसमें मेरे जरूरी कागजात वह पूजा पाठ की सामग्री थी. मेरी कुछ अति दुर्लभ पुस्तक बैग में थी. महात्मा द्वारा जल पुलिस व आपदा राहत दल कर्मचारियों का हृदय से धन्यवाद किया गया।महात्मा जय श्री राम करते करते आशीर्वाद देकर, आगे अपने अगले मुकाम की तरफ निकल गया…. टीम में जल पुलिस से HC हरीश गुंसाई, HC चैतन्य त्यागी, विनोद सेमवाल और आपदा राहत दल ४०वीं वाहिनी हरिद्वार के जवान अनिल चौधरी, संत राम नेगी और हरीश सुन्द्रियाल शामिल रहे.



