UK : अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव, #IYF2026 परमार्थ निकेतन-2026 के चौथे दिन: चक्रों, आयुर्वेद और नाड़ी ज्ञान को समर्पित

- परमार्थ निकेतन Parmarth Niketan में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव, आयुष मंत्रालय और भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय, अतुल्य भारत की साझेदारी से
- पूरे सप्ताह, 80 से अधिक देशों के प्रतिभागी, 33 देशों के विद्यार्थी और 15-20 देशों के राजदूत, उच्चायुक्त एवं राजनायिकों की गरिमामयी उपस्थिति
- भारत का पहला जैमिंग बैंड – ऊर्जावान भाई-बहन राघव और प्राची द्वारा परमार्थ गंगा तट पर अद्भुत प्रस्तुति\
- बैकस्टेजसिब्लिंग्स के मंत्रमुग्ध करने वाले संगीत की स्वर लहरियों में झूमे योगी
- आयुर्वेद – सनातन संस्कृति की जीवंत धरोहर–पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश: परमार्थ निकेतन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव, 2026 के चौथे दिन लगभग 80 देशों से 1500 से अधिक प्रतिभागियों और योग जिज्ञासुओं ने भारत की प्राचीन विधा आयुर्वेद के विषय में विशेषज्ञों से गहन जानकारी प्राप्त की।सूर्योदय ध्यान से लेकर संध्या के भक्तिमय संगीत तक आज का दिन उत्साह और दिव्यता से भरा रहा। पारंपरिक योगिक अभ्यास, दार्शनिक ज्ञान और समग्र उपचार का अद्भुत संगम देखने को मिला।“विजडम टॉक्स” आध्यात्मिक संगोष्ठी में आयुर्वेद: “समग्रता का संतुलन, समन्वय और योगिक जीवन के माध्यम से स्वास्थ्य” विषय पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। डा. रामकुमार, डॉ. कृष्णा पंकज नारम और मारिया अलेजांद्रा अवचारियन ने अपने विचार साझा किए।स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा – “आयुर्वेद सनातन संस्कृति की अमूल्य और जीवंत धरोहर है। यह सिर्फ रोगों के उपचार का विज्ञान नहीं, बल्कि संतुलित और जागरूक जीवन जीने की सम्पूर्ण जीवनशैली है।”डा. साध्वी भगवती सरस्वती जी Pujya Sadhvi Bhagawati Saraswati ji ने कहा – “वर्तमान समय में पूरे विश्व को योग और आयुर्वेद की सबसे अधिक आवश्यकता है। यह दोनों ही शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करते हुए जीवन में शांति और स्थिरता प्रदान करते हैं।”सूर्योदय पर गंगा तट पर सुधांशु शर्मा के साथ Sunrise Chanting, डॉ. इन्दु शर्मा द्वारा क्रिया योग और डॉ. रुचि गुलाटी द्वारा प्राणायाम तकनीकें, साध्वी आभा सरस्वती जी द्वारा योग निद्रा, ब्रिटेन की योग शिक्षिका जाह्नवी क्लेयर मिसिंगहैम का विन्यास अभ्यास – इनवोक द गॉडेस, किया मिलर और केटी बी हैप्पी के चक्र अभ्यास ने प्रतिभागियों को दिव्य अनुभव प्रदान किया।दोपहर के सत्रों में आयुर्वेद, उपचार और दीर्घायु पर कार्यशालाएँ, शामैनिक फ्लो, सेक्रेड साउंड हीलिंग, मस्तिष्क स्वास्थ्य, दीर्घायु टिप्स, और मर्म शक्ति के रहस्य सिखाए गए।संध्या में विश्वविख्यात परमार्थ गंगा आरती और बैकस्टेज सिब्लिंग्स के भक्ति संगीत ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।मुंबई की प्रतिभागी मित्तल ने कहा – “यह मेरा पहला परमार्थ निकेतन अनुभव है। गंगा आरती और आध्यात्मिक अनुभव मेरे लिए अत्यंत विशेष है.








