ऋषिकेश :तपोवन स्थित लक्ष्मणेश्वर धाम में श्री लक्षण चरण पादुका के किये हजारों ने दर्शन, निकली भव्य शोभायात्रा
पर्व का समापन शुक्रवार को होगा, संतों के आगमन और भव्य भंडारे के साथ
- तपोवन स्थित श्री लक्ष्मण महाराज मंदिर में लक्ष्मण महाराज की चरण पादुका दर्शन के लिए उम्र हजारों श्रद्धालु
- शोभायात्रा में स्थानीय लोगों के साथ विदेशी पर्यटकों ने भी किया प्रतिभाग
- लक्ष्मण झूला रोड पर पड़ता है यह भव्या धाम, प्राचीन है मंदिर
- बैंड बाजा के साथ मंदिर परिसर से तपोवन घाट तक पालकी में लक्ष्मण महाराज के चरण पादुका को विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गई : जगदीश प्रपन्नाचार्य, महंत श्री लक्ष्मण धाम मंदिर

ऋषिकेश :(मनोज रौतेला) रामनवमी पर्व मनाया जा रहा है. श्री लक्ष्मण धाम मंदिर में. जिसे लक्ष्मेश्वर धाम भी कहा जाता है. नगर पंचायत तपोवन अंतर्गत ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर में रामनवमी पर कार्यक्रम आयोजित किया गया. गुरूवार को कार्यक्रम में लक्ष्मण महाराज की चरण पादुका की शोभायात्रा निकाली गई. यात्रा में देसी विदेशी पर्यटकों के अलावा स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया. गुरुवार सुबह लक्ष्मण मंदिर में पुजारी सुमित गौड़ दिनेश कोठारी ने विधि विधान के साथ राम चरित्र मानस नवाहन पारायण पाठ और हवन यज्ञ किया. बैंड बाजा के साथ मंदिर परिसर से तपोवन घाट तक पालकी में लक्ष्मण महाराज के चरण पादुका को विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गई. यात्रा मंदिर परिसर से होते हुए लक्ष्मण चौक से तपोवन गंगा घाट पहुंची. गंगा में विधि विधान के साथ चरण पादुका को गंगा स्नान कर उसके बाद यात्रा फिर मंदिर परिसर के लिए रवाना हुई. मंदिर के गर्भ ग्रह में चरण पादुकाओं को विराजमान कर यात्रा का समापन किया गया. यात्रा में संत समाज ने भी बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया. इस अवसर पर, मंदिर के महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य ने बताया कि त्रेता युग में लक्ष्मण महाराज शेषनाग के अवतार भगवान राम के छोटे भाई थे. रावण वध के बाद लक्ष्मण ने तपोवन में गंगा किनारे भगवान शिव की घोर तपस्या की थी. इस स्थान को लक्ष्मणेश्वर धाम के नाम से भी जाना जाता है. रामनवमी के दिन प्रतिवर्ष उनके चरण पादुका को गंगा स्नान कराया जाता है और इस मौके पर गोपाल शर्मा अशोक शर्मा दिनेश शर्मा विपिन शर्मा मनीष शर्मा राजीवगढ़ रवि प्रपन्नाचार्य व् सैकड़ों भक्त शामिल रहे.




