सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट 26 MLD लक्कड़घाट में क्लोरीन गैस का रिसाव, SDRF, दमकल ने पाया काबू

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ऋषिकेश : सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट 26 MLD ,लक्कड़घाट, में शुक्रवार सुबह  सिलेंडर लीक होने से क्लोरीन गैस का हुआ रिसाव. सुबह से ऋषिकेश फायर सर्विस, एस डी आर एफ टीम  व प्लांट के कर्मचारियों द्वारा रिसाव पर काबू पा लिया गया है. SDRF इंस्पेक्टर कविन्द्र सजवाण में मुताबिक़, क्लोरीन गैस रिसाव होने की सूचना पर टीममौके पर पहुंची. काफी मशक्कत के बाद रिसाव कर काबू पाया गया. बताया जा रहा है एक सिलंडर से रिसाव हुआ. जैसे ही रिसाव की सूचना मिली हडकंप मच गया. ऐसे में आपको बता दें,  क्लोरीन गैस का इस्तेमाल पीने के पानी, सीवेज, और औद्योगिक कचरे से बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने के लिए किया जाता है. जहाँ तक इसके नुक्सान की बात है, क्लोरीन गैस से आंखों, नाक, और गले में जलन हो सकती है. कम सांद्रता में भी क्लोरीन से गले में खराश और खांसी हो सकती है. क्लोरीन गैस के लंबे समय तक संपर्क में रहने से ब्रोंकाइटिस या सांस की तकलीफ़ जैसी फेफड़ों की बीमारियां हो सकती हैं. क्लोरीन गैस से त्वचा पर खुजली, लालिमा, या दाने हो सकते हैं. क्लोरीन गैस से अस्थमा या एलर्जी को भी ट्रिगर या खराब किया जा सकता है.

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