ऋषिकेश : गुरविंदर सिंह गुर्री इस बार 20 बीघा से नहीं बल्कि शिवाजी नगर से लड़ सकते हैं  चुनाव, रखा अपना रिपोर्ट कार्ड

निकाय चुनाव को लेकर चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो गयी है ऋषिकेश में

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  • इस बार  गुरविंदर सिंह गुर्री इस बार 20 बीघा से नहीं बल्कि शिवाजी नगर से लड़ सकते हैं  चुनाव
  • कांग्रेस  पार्टी अधिकतर  जिताऊ प्रत्याशी पर दांव लगाने की कोशिश कर रही है
  • 2003 और 2008 में BDC मेम्बर रह चुके हैं शिवाजी नगर से,  फिर पार्षद 20 बीघा से 
  • जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे वैसे चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की झलक सामने आने लग गयी हैं 
  • चुनाव में गुर्री को हमेशा एक मजबूत प्रय्ताशी के तौर जाना जाता है,वे चुनावी रणनीति बनाने में माहिर, बेधड़क अपनी बात रखने वाले ब्यक्ति के तौर पर विशेष छवि के साथ, चुनावी मैदान में दिखेंगे इस बार 
ऋषिकेश : नगर निगम चुनाव का आपत्ति का समय ख़त्म हो गया है. अब जैसे जैसे चुनाव के दिन नजदीक आते जा रहे हैं. प्रत्याशी भी सामने आने लगे हैं. इस बार के पार्षद प्रत्याशियों में २० बीघा के निवृतमान पार्षद गुरविंदर सिंह गुर्री शिवाजी नगर (वार्ड  संख्या 26) से   चुनाव लड़ सकते हैं.ऐसे में बताया जा रहा है कांग्रेस  पार्टी भी उन्हें वहां से टिकट दे सकती है. आपको बता दें, गुर्री ने 20 बीघा से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर  चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी. बताया जा रहा है, इस बार पार्टी उन्हें शिवाजी नगर से टिकट देने के मूड में है. पार्टी  को भी एक मजबूत प्रत्याशी मिल जायेगा साथ ही साथ गुर्री ने BDC मेम्बर के दौरान शिवाजी नगर इलाके में काफी काम भी करवाया था. जब इस बारे में गुर्री से बात की थी उन्हूने बताया, पार्टी कहीं से भी टिकट दे मुझे कोई परहेज नहीं है. मुझे ख़ुशी होगी. मैंने बीडीसी मेम्बर के दौरान काफी काम करवाया था. यह हर कोई जानता है. 20 बीघा में काफी काम करवाया यह भी हर कोई जानता है. ऐसे में मुझे अगर शिवाजी नगर से पार्टी टिकट देती है तो मैं ख़ुशी ख़ुशी लडूंगा. गुर्री ने अपने आप भी गिनवाए जो प्रमुख तौर पर किये शिवाजी नगर और 20 बीघा इलाके में -गुर्री ने ‘नेशनल वाणी’ हिंदी  से बात करते हुए बताया,  वे कार्य  इस प्रकार हैं –
20  बीघा में किये गए कार्य -एक नजर =(पार्षद का कार्यकाल)
  1. 64 लाख की लागत से नालियां और सडक निर्माण का कार्य करवाए
  2. दो हाई मास्क लाईट लगवाई= एक २० बीघा तिराहे पर दूसरी गली नंबर २ मंदिर पर
  3. दो हैण्ड पंप लगाये, एक गली नंबर १० में और एक गली नंबर 3D में
  4. २० बीघा बरसात में बरसात में मकान गिर गया था धांग में, पानी अन्दर घुस गया था,  निकासी  के लिए पाइप लाइन डलवाई
  5. कोरोना के समय पर दिन रात मदद की लोगों की…राशन दिलवाया गया लोगों को जिनको जरुरत थी. साथ ही
  6. पैसे निकालने वाली बैंक की वैन लगवाई, ताकि लोग पैसे निकाल सकें.
  7. कोरोना के समय-डॉक्टर की ब्यवस्था करवाई जो बीमार थे
  8. कोरोना के समय-जिन लोगों को ऑक्सीजन सिलंडर की जरुरत थी उनको सिलंडर दिलवाया
  9. कोरोना के समय-लगभग २०० लोगों को घर भेजने की वयवस्था की, जो बिहार, यूपी, बंगाल, पूर्वांचल के रहने वाले थे और जो वहां पर फंस गए थे उन्हें यहाँ लाने की व्यवस्था करवाई.
  10. बुजुर्ग जो 60 वर्ष से ऊपर हैं उन सभी  की  पेंशन करवाई योजना के मुताबिक़
  11. जो विधवा महिलायें थी उस दौरान उनकी पेंशन करवाई
  12. कई बच्चों को कन्याधन योजना के तहत लाभ दिलवाया
  13. हर खम्बे पर स्ट्रीट लाईट लगवाई
  14. बीच बीच में  नाला गैंग बुलवाकर  नालों की सफाई करवाई
  15. सरकार की योजना के तहत,  पेयजल के लिए पानी की पाइप लेने डलवाई गयी अपने इलाके में ताकि लोग अब पानी से कोई परेशान न हो. अब छतों तक पानी जा रहा है लोगों का 
शिवाजी नगर में काम र्कर्वाया BDC मेम्बर जब था वह इस प्रकार हैं —
(दो बार BDC मेम्बर रहे 2003 में और   2008 में शिवाजी नगर से)
  1. गुर्री के अनुसार,  उस समय मेरे कार्यकाल के दौरान शिवाजी नगर वाली जो एम्स प्रशासन ने सड़क खोद दी थी,सड़क बंद कर दी थी उसको खुलवाया.   आज वही सड़क मुख्य सड़क बन गयी है. दिन रात वहां पर लोगों की आवाजाही होती है.
  2. दो हैण्ड पंप लगवाए उस समय..एक दुर्गा मंदिर तिराहे पर और दूसरा प्राथमिक विद्यालय के पास, शिवाजी नगर में
  3. एम्स के कोने से स्कूल तक बिजली के खम्बे लगवाए. जैसे तैसे उस समय
  4. शिवाजी नगर गली नंबर 25 में अन्धेरा था उसमें प्रकाश व्यवस्था करवाई, उस समय पशुलोक में डेड लाइन थी खम्बों की उन्हें शिफ्ट करवाया शिवाजी नगर में
  5. उसी दौरान कई सड़कों का निर्माण करवाया शिवाजी नगर में यह जनता जानती है
  6. २० बीघा कर पार्षद होने के बावजूद, शिवाजी नगर के गली नंबर 25 में बोरिंग करवाई, 180 मीटर पाइप लेने डलवाई
  7. २० बीघा पार्षद होने के बावजूद, खांड गाँव में लाल पानी में इलाके में पाइप लाइन डलवाई.ट्यूबवेल लगवाया, इसकी लागत १ करोड़ थी. (इस मामले में मुख्यमंत्री के पास गए थे फिर कार्रवाई हुई और काम हुआ)
गुरविंदर सिंह गुर्री के बारे में एक नजर –
गुरविंदर सिंह गुर्री पिछले 31 वर्षों से 20 बीघा इलाके में रहते हैं, वे यहाँ पर 1993 में आ गए थे..1982 में यहाँ पर जमीन खरीदी थी. उसके बाद 1993 में मकान बनाया अपना.
  • शिक्षा -IDPL GIC से इंटरमीडिएट किया
  • फिर फिटर से आईटीआई किया हरिद्वार से
  • हॉकी और बैडमिंटन के खिलाड़ी रहे….नेशनल खेला दोनों खेल में
  • कई टूर्नामेंट करवाये IDPL में…जिसमें हॉकी, फूटबाल, क्रिकेट और बैडमिंटन प्रमुख हैं.
  • कई युवाओं (खिलाड़ी) को स्कोलरशिप दिलवाई जानकारी दे कर.
  • निरंतर युवाओं को आगे बढाने के लिए पर्य्त्नशील रहते हैं. 
गुर्री के मुताबिक़,  बाकी जो ब्यक्ति दुखी है पीड़ित है उसकी 0000सेवा करना  मैं  परम कर्तव्य समझता हूँ. फिर  वो  छाए किसी भी क्षेत्र का हो. इसके साथ विकास करना लक्ष रहता है लोगों का, क्षेत्र का यही जीवन का उद्देश्य भी है.  

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