असम में प्रधानमंत्री मोदी पहुंचे चाय बागान में,सेल्फी भी खिंचवाई

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गुवाहाटी :’मैं भी चाय वाला हूं, आपकी मेहनत मेरे गांव तक पहुंची’, असम के चाय बागान में महिलाओं के साथ पीएम मोदी की सेल्फी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिब्रूगढ़ के चाय बागान में महिला श्रमिकों के साथ यादगार पल बिताए. मोदी ने खुद को ‘चाय वाला’ बताते हुए महिलाओं की मेहनत की सराहना की और असम की चाय को राज्य की आत्मा करार दिया. इस दौरान उन्होंने स्थानीय संस्कृति, बिहू और परिवारों के भविष्य पर चर्चा की.डिब्रूगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के चुनावी दौरे के बीच एक अलग ही अंदाज में नजर आए. डिब्रूगढ़ के एक चाय बागान में पहुंचकर उन्होंने सबको चौंका दिया. पीएम ने यहां काम करने वाली महिलाओं से बहुत ही सादगी के साथ बातचीत की. उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, ‘आपकी मेहनत मेरे गांव तक पहुंची है. क्या आपको पता है कि मैं भी चाय वाला हूं और बचपन में चाय बेचता था.’ पीएम की यह बात सुनकर बागान की महिलाएं भावुक हो गईं और खुशी से झूम उठीं.

चाय बागान की महिलाओं के साथ पीएम मोदी ने सेल्फी ली

चाय बागान में पीएम मोदी को अपने इतने करीब पाकर महिलाएं बेहद उत्साहित थीं. काम के बीच में ही कुछ महिलाओं ने प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी लेने की इच्छा जताई. पीएम ने भी बड़े प्यार से उनके साथ फोटो खिंचवाई. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि आप लोग तो अब अच्छे फोटोग्राफर भी बन गए हैं. पीएम के इस हल्के-फुल्के अंदाज ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया. पूरा माहौल हंसी-खुशी और उत्साह से भर गया था.

असम की संस्कृति को लेकर पीएम मोदी ने क्या ट्वीट किया?

पीएम मोदी ने इस मुलाकात का एक पांच मिनट का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया. उन्होंने लिखा कि डिब्रूगढ़ के चाय बागान में उन्हें परिवारों की संस्कृति की झलक देखने को मिली. असम की प्रगति में चाय बागान के लोगों का योगदान बेमिसाल है. पीएम ने महिलाओं द्वारा गाए गए ‘जगत जननी मां’ के गीत की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि चाय असम की आत्मा है और यहां की चाय ने पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई है.

चाय बागान के बच्चों के भविष्य पर पीएम ने क्या चर्चा की?

बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने महिलाओं से उनके परिवार और बच्चों के बारे में पूछा. एक महिला ने गर्व से बताया कि उनका बच्चा ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर चुका है. दूसरी महिला ने कहा कि उनका बेटा खेलकूद में दिलचस्पी रखता है और गांव के मैदान में फुटबॉल खेलता है. पीएम मोदी ने इन बातों को सुनकर खुशी जताई और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उन्होंने महिलाओं का हौसला बढ़ाया कि मेहनत से ही जीवन में बदलाव आता है.

पीएम मोदी के सामने घबरा रही थीं बागान की महिलाएं

जब पीएम मोदी ने महिलाओं से बात शुरू की तो उन्होंने दबी आवाज में अपनी घबराहट के बारे में बताया. महिलाओं ने कहा कि आपसे मिलकर हमें थोड़ी घबराहट हो रही थी. इस पर पीएम मोदी ने मुस्कराते हुए उनका डर दूर किया. उन्होंने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है. घबराहट तो सिर्फ शुरुआती पांच मिनट के लिए होती है, उसके बाद सब ठीक हो जाता है. उनके इस अपनेपन ने महिलाओं को सहज कर दिया और वे खुलकर बातें करने लगीं.

प्रधानमंत्री ने महिलाओं से असम के प्रसिद्ध बिहू त्योहार के बारे में भी पूछा. उन्होंने सवाल किया कि आप लोग बिहू के दौरान क्या-क्या खास पकवान पकाते हैं. महिलाओं ने अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों और खान-पान की जानकारी दी. साथ ही उन्होंने अपने काम के घंटों के बारे में भी बताया. महिलाओं ने जानकारी दी कि वे महीने में 24 दिन काम करती हैं और उन्हें 6 दिन की छुट्टी मिलती है. पीएम ने उनकी दिनचर्या और काम के प्रति समर्पण की बहुत प्रशंसा की.

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