पौड़ी : जिले में उद्योगों को “भूसा” बेचने पर आगामी 15 दिनों तक लगी रोक, भूसे की कालाबाजारी हुई तो कार्रवाई: डीएम

जिला मजिस्ट्रेट का यह आदेश जनपद पौड़ी की सीमान्तर्गत 09 मई 2022 से 24 मई 2022 तक प्रभावी रहेगा, बशर्ते इससे पूर्व इसे निरस्त न किया जाए

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पौड़ी : जिला मजिस्ट्रेट गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने राज्य में पशुओं के सूखे चारे के रूप में उपयोग किये जाने वाले गेहूँ के भूसे की अत्यन्त कमी होने तथा कतिपय व्यापारियों द्वारा भूसे को बड़ी मात्रा में अनावश्यक रूप में भण्डारण किये जाने के कारण उत्पन्न विकट परिस्थितियों मेें पशुस्वामियों द्वारा बड़ी संख्या में पशुओं को परित्यक किये जाने से सड़क परिवहन में अवरोध/दुर्घटनाएं तथा कानून व्यवस्था को चुनौती पैदा होने की आशंका के दृष्टिगत पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में उचित दरों में भूसा/चारा उपलब्ध कराये जाने की आवश्यकता के दृष्टिगत दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के प्राविधानों के तहत आवश्यक निषेधाज्ञायें जारी किये है।

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जिला मजिस्ट्रेट गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने आदेशित किया है कि भूसे को ईट भटृों एवं अन्य उद्योगों में इस्तेमाल नही किया जाएगा एवं इस हेतु उद्योंगों को भूसा विक्रय पर आगामी 15 दिनों तक रोक रहेगी, भूसा विक्रेताओं द्वारा भूसे का अनावश्यक भण्डारण एवं काला बाजारी न की जाएगी ओर न करवायी जाएगी। उन्होंने आदेशित किया कि जनपद में उत्पादित भूसे को राज्य के बाहर परिवहन पर तत्काल एक पक्ष हेतु रोक तथा जनपद में पुराल जलाने पर तत्काल रोक लगायी जाती है।जिला मजिस्ट्रेट का यह आदेश जनपद पौड़ी की सीमान्तर्गत 09 मई 2022 से 24 मई 2022 तक प्रभावी रहेगा, बशर्ते इससे पूर्व इसे निरस्त न किया जाए।

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उन्होंने निर्देशित किया कि मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, तहसील मुख्यालयों, विकास खण्ड मुख्यालयों, थानों, नगर पालिका परिषद/नगर पंचायतों के सूचना पटो पर चस्पा करने के साथ-साथ समस्त थानाध्यक्षों द्वारा ध्वनी विस्तारक यंत्रों अथवा डूग-डूगी पिटवाकर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंधन करता है तो उसका कृत्य भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा।

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